चंडीगढ़ : हरियाणा के पंचकूला में पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील अख्तर की मौत का मामला अब और पेचीदा होता जा रहा है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में एक बड़ा खुलासा हुआ है, जिसमें अकील के शरीर पर सिरिंज का निशान मिलने की बात सामने आई है।
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सिरिंज का निशान बना सवाल
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक, अकील की दाहिनी कोहनी से करीब 7 सेंटीमीटर ऊपर एक सिरिंज का निशान मिला है। यह निशान ड्रग्स के इंजेक्शन से जुड़ा हो सकता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि नशे के आदी लोग आमतौर पर शुरुआत में इंजेक्शन बाएं हाथ पर लगाते हैं क्योंकि यह आसान होता है। जब बाएं हाथ पर निशान पड़ जाते हैं, तब वे दाएं हाथ का इस्तेमाल करते हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अकील के शरीर पर केवल एक ही इंजेक्शन का निशान था, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह शायद नशे का नियमित आदी नहीं था, बल्कि उसने हाल ही में इंजेक्शन लिया हो सकता है।
पिता बोले – बेटे को 18 साल से था साइकोटिक डिसऑर्डर
पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने अपने बेटे की मौत पर कहा कि अकील पिछले 18 सालों से साइकोटिक डिसऑर्डर से जूझ रहा था और नशे की लत में भी पड़ गया था। उन्होंने बताया, “मेरे बेटे की हालत 2007 से बिगड़नी शुरू हो गई थी। वो नशे की हालत में हिंसक हो जाता था। एक बार तो मेरी बहू की जान भी खतरे में पड़ गई थी। तब मैंने खुद बेटे को पुलिस के हवाले किया था।” मुस्तफा ने यह भी कहा कि कुछ लोग उनके बेटे की मौत को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
16 अक्टूबर को घर में बेसुध मिला अकील
अकील अख्तर (35 वर्ष) 16 अक्टूबर की रात को पंचकूला सेक्टर-4 स्थित अपने घर में बेसुध अवस्था में मिला था। परिवार के लोग उसे रात करीब 9:30 बजे सेक्टर-6 के अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार के अनुसार, अकील की हालत दवाओं की ओवरडोज के कारण बिगड़ी थी। 17 अक्टूबर को अकील को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के हरडा गांव में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
वीडियो में लगाए थे गंभीर आरोप
अकील की मौत से करीब 50 दिन पहले, 27 अगस्त को उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में अकील ने दावा किया था कि उसे अपने पिता मोहम्मद मुस्तफा और पत्नी के बीच अवैध संबंध होने का पता चला है।
वीडियो में अकील कहता है – “वो मेरी पत्नी थी, लेकिन शादी जैसे डैड से की हो। अब परिवार के लोग मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं।”
17 अक्टूबर को दी गई शिकायत
अकील की मौत के अगले दिन, 17 अक्टूबर को शमशुद्दीन नामक व्यक्ति ने पंचकूला पुलिस कमिश्नर को एक लिखित शिकायत दी। शमशुद्दीन ने अकील की मौत को संदिग्ध बताते हुए कहा कि इस मामले में निष्पक्ष जांच जरूरी है। उसी दिन उसने पंचकूला में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मीडिया के सामने अकील के वीडियो दिखाए और कहा कि अकील ने खुद अपनी जान को खतरा बताया था।
20 अक्टूबर को दर्ज हुआ हत्या का मामला
शमशुद्दीन की शिकायत पर पंचकूला के मनसा देवी थाने में 20 अक्टूबर की रात को एफआईआर दर्ज की गई।
इसमें पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा, उनकी पत्नी और पंजाब की पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, अकील की बहन और पत्नी को आरोपी बनाया गया है। मामले की जांच के लिए एसीपी विक्रम नेहरा के नेतृत्व में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है। टीम में इंस्पेक्टर पृथ्वी, पीएसआई पूजा, सब इंस्पेक्टर प्रकाश और साइबर एक्सपर्ट रामास्वामी शामिल हैं।
21 अक्टूबर को शिकायतकर्ता से पूछताछ
21 अक्टूबर को SIT ने शिकायतकर्ता शमशुद्दीन को पूछताछ के लिए बुलाया। सुबह करीब साढ़े 11 बजे से शाम 5 बजे तक चली पूछताछ में पुलिस ने केस से जुड़ी तमाम जानकारियाँ जुटाईं। शमशुद्दीन ने खुद को अकील की मां रजिया सुल्ताना के मायके का पड़ोसी बताया। उन्होंने बताया कि जब रजिया सुल्ताना पंजाब सरकार में मंत्री थीं, तब वह अकील से कई बार मिले थे।
फैमिली मैटर समझकर नहीं दी दखल
शमशुद्दीन ने बताया कि जब अकील ने 27 अगस्त को वीडियो पोस्ट किया था, तो उन्होंने सोचा कि उसे बचाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर करें। लेकिन बाद में दोस्तों की सलाह पर उन्होंने इसे फैमिली मैटर मानकर कदम पीछे खींच लिया। हालांकि 17 अक्टूबर को अकील की मौत की खबर सुनने के बाद वे खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने पंचकूला आकर शिकायत दर्ज करवाई।
SIT कर रही गहराई से जांच
SIT अब अकील अख्तर की मौत को लेकर सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस ने मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट, वीडियो, कॉल रिकॉर्ड और मेडिकल रिपोर्ट्स को कब्जे में लिया है। अधिकारियों के मुताबिक, जल्द ही अकील के परिजनों और अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जाएगी।
नतीजे पर पहुंचने से पहले जांच जरूरी
अकील अख्तर की मौत ने पूरे पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में हलचल मचा दी है। एक ओर परिवार इसे मानसिक बीमारी और नशे की वजह से हुई मौत बता रहा है, वहीं दूसरी ओर शिकायतकर्ता इसे साजिशन हत्या बता रहा है। अब देखना यह होगा कि SIT की जांच क्या नया मोड़ लाती है और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मिले सिरिंज के निशान का रहस्य क्या खुलासा करता है।


