Monday, September 14, 2026

अब चंदा देवी नहीं, खुद चुनाव लड़ेंगे खेसारी लाल यादव

बिहार:  साल 2018, में एक गाना बिहार, उत्तर प्रदेश में काफी लोकप्रिय हुआ था….. वह चर्चित गाना था… ठीक है…. इस गाने को आप आज भी भूले नहीं होंगे, उस वक्त तो ये गाना इतना famous हुआ था की लोगों ने तो इसपें काफी reels भी बनाया था, आप में से कई लोग इस गाने के गायक को पहचानते भी होंगे, लेकिन जो दर्शक या हमारे साथी इसके बारे में नहीं जानते, तो उन्हें मैं बता दूं, इस गाने को अपनी आवाज दी थी, खेसारी लाल यादव ने, भोजपुरी सिनेमा के चमकते सितारों में से एक, जिसने अपनी मेहनत और अपनी देसीपन वाली आवाज़ से लाखों दिलों पर राज किया। अब वही खेसारी लाल यादव सिनेमा के पर्दे से निकलकर राजनीति के मैदान में उतर चुके हैं। जी हां, अब खेसारी लाल यादव छपरा विधानसभा सीट से RJD यानी (राष्ट्रीय जनता दल) के उम्मीदवार होंगे।

क्यों नहीं मिला चंदा देवी को टिकट 

पहले इस सीट से उनकी पत्नी चंदा देवी को टिकट दिया गया था। लेकिन, तकनीकी कारणों से उनका नामांकन नहीं हो पाया। कुछ तकनीकी कारणों के आधार पर चंदा देवी चुनाव नहीं लड़ सकतीं। इसके बाद पार्टी ने बदले हुए फैसले  लेते हुए खेसारी लाल यादव को टिकट दिया है और अब छपरा से खेसारी लाल यादव पहली बार बिहार में विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आज़माने जा रहे हैं।

खेसारी लाल ने थामा RJD का दामन 

खेसारी लाल यादव ने RJD का दामन थामते हुए कहा कि ये उनके लिए कुर्सी की दौड़ नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का सफर है। उन्होंने साफ कहा , राजनीति मेरे लिए कोई पद या सत्ता का खेल नहीं है, ये मेरे लोगों के लिए काम करने की जिम्मेदारी है। मैं चाहता हूं कि छपरा का हर घर विकास की रोशनी से चमके, और मैं हर दिल की आवाज़ बन सकूं।

मैं तो छपरा का बेटा हूं

खेसारी लाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा , “मैं तो छपरा का बेटा हूं। यही मेरी जन्मभूमि है। ये वही धरती है जहां भिखारी ठाकुर जैसे महान कलाकार पैदा हुए, जिनका नाम पूरी दुनिया नहीं भूल सकती। और अब उसी धरती से मैं राजनीति की राह पर निकल रहा हूं। भिखारी ठाकुर एक कलाकार थे, और मैं भी एक कलाकार हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब मैं कला के साथ सेवा को भी जोड़ना चाहता हूं।”

खेसारी लाल यादव के समर्थक इस खबर से बेहद खुश हैं। सोशल मीडिया पर उनके फैंस लगातार पोस्ट कर रहे हैं – “अब छपरा में बजेगा खेसारी का डंका।” कई लोगों का कहना है कि खेसारी जैसे कलाकार राजनीति में आकर लोगों की सच्ची आवाज़ बन सकते हैं, क्योंकि वे आम लोगों के दर्द को समझते हैं।

भाजपा (BJP) से छोटी कुमारी

इधर छपरा सीट से भाजपा (BJP) ने छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है। छोटी कुमारी वहां की स्थानीय नेता हैं और जिला परिषद की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। यानी छपरा सीट पर अब मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है , एक तरफ भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव, और दूसरी तरफ अनुभवी स्थानीय नेता व जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में लोगों के बीच अपनी पहचान बना चुकी छोटी कुमारी के बीच मुकाबला होगा। मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने के लिए जन सुराज पार्टी ने जय प्रकाश सिंह को टिकट दिया है.

खेसारी का कहना है कि उन्होंने जीवन में जो कुछ भी पाया है, वो जनता के प्यार से ही पाया है। अब वक्त है कि वो जनता के लिए कुछ कर सकें। उन्होंने कहा,  “मैंने बचपन में गरीबी देखी है, खेतों में मजदूरी की है, दूध बेचा है, और अब जो कुछ हूं, वो जनता की वजह से हूं। इसलिए राजनीति में मेरा मकसद सिर्फ सेवा करना है, न कि सत्ता पाना।”

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा मोड़

खेसारी लाल यादव का यह नया कदम भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बड़ा मोड़ है, क्योंकि अब उनके जैसे कलाकार राजनीति में उतरकर समाज के बीच नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने अपने गीतों और फिल्मों से पहले लोगों के दिल जीते, और अब वे चाहते हैं कि जनता के भरोसे पर भी खरे उतरें।

छपरा की जनता में अब चुनावी माहौल गर्म हो चुका है। लोग कह रहे हैं कि अबकी बार चुनाव सिर्फ पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि “कलाकार बनाम स्थानीय नेता” का होगा। खेसारी के प्रशंसक गांव-गांव जाकर प्रचार करने को तैयार हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का ये राजनीतिक सफर कितना सफल होता है। फिलहाल इतना तो तय है कि छपरा विधानसभा सीट पर अब हर चर्चा का केंद्र बन चुका है एक नाम — खेसारी लाल यादव। आखिर में खेसारी लाल यादव ने कहा – “ये मेरा सपना नहीं, बल्कि मेरे लोगों का सपना है। मैं राजनीति में पैसे या पद के लिए नहीं आया हूं, बल्कि अपने लोगों की आवाज़ बनने आया हूं। जो प्यार लोगों ने मेरी फिल्मों और गानों को दिया, वही भरोसा अब मैं अपने काम से लौटाना चाहता हूं।”

छपरा 2015, और 2020 के विधानसभा चुनाव 

छपरा विधानसभा 2020 के चुनाव में यहां से बीजेपी के सी. एन. गुप्ता ने जीत हासिल की थी। उन्होंने आरजेडी के उम्मीदवार को हराया था। इससे पहले 2015 के चुनाव में भी सी. एन. गुप्ता ही इस सीट से जीते थे। यानी दो बार लगातार यह सीट भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पास रही है। लेकिन अब bjp ने छोटी कुमारी को टिकट दिया है। आपको बता दूं कि बीजेपी से टिकट की दावेदार रही राखी गुप्ता भी चुनाव मैदान में निर्दलीय खड़ा होने की तैयारी में है.
छपरा में हमेशा बीजेपी और आरजेडी के बीच कड़ा मुकाबला रहता है। लोगों का कहना है कि सी. एन. गुप्ता ने अपने इलाके में काम किया हैं और लोगों से अच्छा रिश्ता बनाया है, इसलिए वे लगातार जीतते आए।

फिलहाल, माहौल देखकर लग रहा है कि इस बार भी छपरा में बीजेपी और आरजेडी के बीच सीधा मुकाबला होगा। कौन जीतेगा, यह तो चुनाव के नतीजे ही बताएंगे, लेकिन छपरा में बीजेपी की पकड़ पिछले कई सालों से मजबूत रही है।
आखिर में खेसारी लाल यादव ने कहा – ये मेरा सपना नहीं, बल्कि मेरे लोगों का सपना है। मैं राजनीति में पैसे या पद के लिए नहीं आया हूं, बल्कि अपने लोगों की आवाज़ बनने आया हूं। जो प्यार लोगों ने मेरी फिल्मों और गानों को दिया, वही भरोसा अब मैं अपने काम से लौटाना चाहता हूं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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