रांची: झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ राजधानी के चर्चित बड़गाई अंचल सरकारी भूमि के अवैध तरीके से खरीद-बिक्री होने के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में PMLA कोर्ट के एक आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में दायर याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की कोर्ट में हुई सुनवाई में प्रार्थी को रिजॉइंडर दायर करने का निर्देश दिया गया. इस मामले में अगली सुनवाई अगले महीने 2 दिसंबर को होगी. मुख्यमंत्री की ओर से अधिवक्ता नागमुथु और शशांक शेखर ने पक्ष रखा.
इसे भी पढ़ें : खूंटी में बर्थडे की पार्टी के बहाने बुलाकर तीन नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म, दो गिरफ्तार व दो अन्य की तलाश में जुटी पुलिस
बता दें कि सीएम हेमंत सोरेन ने हाईकोर्ट में PMLA कोर्ट की ओर से 21 सितंबर को दिए गए उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें PMLA कोर्ट ने सीएम हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को ईडी सकी जांच पूरी होने तक स्थगित रखने की मांग की गई थी, हालांकि पीएमएलए कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है.
हालांकि इस मामले में पिछले महीने हाईकोर्ट में हुई सुनवाई ने याचिका के निष्पादन होने तक पीएमएलए कोर्ट में चल रही कार्यवाही को रोकने से इंकार कर दिया था। इससे पहले पीएमएलए कोर्ट ने सितंबर महीने के अंतिम सप्ताह में हुई सुनवाई में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप गठन को स्वीकृति दे दी थी. बता दें कि बड़गाई अंचल भूमि मामले में सीएम हेमंत सोरेन के अलावा अन्य 12 आरोपियों के खिलाफ आरोप गठन की कार्यवाही पूर्व में ही हो चुकी है.

