नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी ने अभिजीत दीपके को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि दीपके को एसईएम कोर्ट में पेश किया जाएगा. रत्ना सिंह के मुताबिक़, अभिजीत दीपके को कहां रखा गया है, इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि वकीलों को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
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तिरंगा मार्च के दौरान हिरासत
बता दें कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार 16 अक्तूबर को तिरंगा मार्च के दौरान अभिजीत दीपके को हिरासत में लिया था. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने बताया था कि दीपके को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 126/170 के तहत हिरासत में लिया गया था. पिछले छह दिनों में दीपके को दूसरी बार हिरासत में लिया गया है. इससे पहले, 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले उन्हें विमान से हिरासत में लिया गया था. हालांकि, अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया था.
वहीं, सीजेपी से जुड़े आशुतोष रांका और सौरव दास तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. दिल्ली की स्पेशल कोर्ट ने दोनों को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा था. उन्हें 13 अक्तूबर की सुबह जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिया गया था.
केजरीवाल ने उठाया सवाल
इससे पहले दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि ‘जिन्हें तिरंगे से परेशानी हो, वे पाकिस्तान चले जाएं.’ उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हम अपने देश में तिरंगा नहीं लहराएंगे तो क्या पाकिस्तान में लहराएंगे? जिन्हें भारतीय तिरंगे से परेशानी है, वो पाकिस्तान चले जाएं.”
इससे पहले अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने का एक वीडियो शेयर करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “ये तो सरासर तानाशाही है. क्या तिरंगा लहराना जुर्म है? अभिजीत की गिरफ़्तारी दिखाती है कि मोदी जी इनसे कितने डरते हैं.”
ममता बनर्जी ने भी जताया विरोध
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को हिरासत में लिए जाने के बाद एक्स पर एक पोस्ट में सरकार और दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा था. ममता बनर्जी ने लिखा, “दिल्ली पुलिस आख़िर कर क्या रही है. अभिजीत दीपके को भारतीय राष्ट्रीय झंडा थामने के लिए हिरासत में लिया गया है. ज़रा इस बात पर गौर कीजिए. आज़ाद भारत में हमारे युवाओं को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का शांतिपूर्ण ढंग से इस्तेमाल करने के लिए हिरासत में लिया जा रहा है.”
उन्होंने लिखा, “यह किसी अघोषित आपातकाल से कम नहीं है. असहमति से डरने वाली सरकार अब पूरी एक पीढ़ी को डराकर खामोश करने की कोशिश कर रही है. यह एक फासीवादी शासन का आचरण है, जो उस आवाज़ को बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिसे वह नियंत्रित नहीं कर सकता.”
योगेंद्र यादव व संजय सिंह ने ये कहा
राजनीति कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा, “पहले 50 साल तिरंगे से ‘द्वेष’ फिर 25 साल तिरंगा ढोने का ‘ढोंग’ अब देशभक्त युवाओं के हाथ में तिरंगा देखकर ‘डर’. यह है आरएसएस और बीजेपी की तिरंगा यात्रा.” वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, “विनाश काले विपरीत बुद्धि. मोदी जी आप तिरंगे से इतना क्यों डरते हैं? अभिजीत दीपके को हिरासत में लेकर क्या हासिल करोगे आप? आंदोलन और बढ़ेगा तिरंगा और लहराएगा.”

