नई दिल्ली: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में अंकिता भंडारी के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठ गए हैं. वे दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के ख़िलाफ़ धरना दे रहे हैं. बुधवार शाम लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भी उनसे मिलने पहुंचे. एंटी-रेप एक्टिविस्ट योगिता भयाना भी उनके साथ मौजूद थीं.
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नियुक्ति पर तत्काल लगे रोक
इस संबंध में योगिता भयाना ने एक्स पर लिखा, “हम अभी भी इंडिया गेट पर हैं. परिवार की मांग है कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए.” वहीं धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि दुष्यंत कुमार को सलाखों के पीछे होना चाहिए.
सिक्किम के नए राज्यपाल को लेकर दावा
सोमवार, 12 अक्तूबर को राष्ट्रपति भवन से जारी प्रेस रिलीज़ में बताया गया था कि दुष्यंत गौतम को सिक्किम का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है. अंकिता भंडारी पौड़ी गढ़वाल ज़िले के गंगा-भोगपुर क्षेत्र स्थित वनंतरा टूरिस्ट रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं. आरोपों के मुताबिक़, साल 2022 में बलात्कार के बाद उनकी हत्या कर दी गई थी.
दुष्यंत कुमार गौतम ने दर्ज कराई थी FIR
इस मामले में अपना नाम सामने आने के बाद बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने ऊपर लगे आरोपों को ख़ारिज करते हुए एफ़आईआर दर्ज कराई थी. देहरादून के डालनवाला थाने में दर्ज शिकायत के अनुसार, दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया था कि हरिद्वार के ज्वालापुर से पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर ने अन्य अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उनके ख़िलाफ़ सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र रचा.
दुष्यंत गौतम ने यह भी कहा था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की पूरी जांच, चार्जशीट और अदालत की कार्यवाही में कहीं भी उनका नाम सामने नहीं आया है. उन्होंने अपनी एफ़आईआर में कांग्रेस पार्टी पर भी आरोप लगाए हैं.
कांग्रेस ने नियुक्ति को लेकर ये कहा
इधर दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने को लेकर कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने कहा, “आपने उन्हें इम्युनिटी दे दी. आप सीबीआई जांच का इंतज़ार भी नहीं कर रहे हैं. इसे इतनी जल्दी ख़त्म करने का क्या दबाव है? आप किसे बचा रहे हैं? क्या कोई और भी है, जिसे आपको बचाना है? यहां किसे ब्लैकमेल किया जा रहा है, जो आपको किसी को ऊंचे पद पर बिठाने के लिए मजबूर कर रहा है, सिर्फ़ इसलिए कि उन्हें इम्युनिटी दी जा सके?”

