गिरिडीह : गांव में सड़क नहीं होने से नाराज नावाडीह के युवाओं ने रविवार को आजसू सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी और पार्टी सुप्रीमो सुदेश महतो के काफिले को रोककर विरोध जताया। पीरटांड़ क्षेत्र में आजसू के कार्यक्रम के बाद हुई इस घटना के दौरान युवाओं ने सड़क की समस्या को लेकर अपनी बात रखी। विरोध के बीच सांसद गाड़ी से उतरे और युवाओं से बातचीत हुई। इस दौरान सांसद के कथित तल्ख लहजे को लेकर भी चर्चा रही।
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काफिला लौटने के दौरान की घटना

जानकारी के अनुसार, पीरटांड़ में आजसू के कार्यक्रम के समापन के बाद सांसद सीपी चौधरी और सुदेश महतो का काफिला गुजर रहा था। इसी दौरान नावाडीह गांव के युवाओं ने सड़क की समस्या को लेकर काफिला रोक दिया। युवाओं का कहना था कि गांव में सड़क की सुविधा नहीं होने से लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। ग्रामीण लंबे समय से इस बुनियादी सुविधा की जरूरत महसूस कर रहे हैं।
युवाओं के विरोध के दौरान शुरुआत में सांसद अपनी गाड़ी में ही रहे। इसके बाद वह गाड़ी से नीचे उतरे और युवाओं से बातचीत की। इस दौरान कथित तौर पर सांसद ने युवाओं से कहा, “तुम हमको बुलाता है?” हालांकि, इस बातचीत के पूरे संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्थिति को संभालने आगे आए सुदेश

स्थिति को संभालने के लिए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने युवाओं से बातचीत की और उन्हें समझाने का प्रयास किया। इस दौरान कैमरा बंद कराने का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, कैमरा बंद कराने के आरोप और इसके पीछे की वजह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
नावाडीह के युवाओं का विरोध गांव में सड़क की मांग को लेकर था। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की सुविधा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और दैनिक आवागमन के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में सड़क की समस्या को लेकर युवाओं का जनप्रतिनिधियों के सामने विरोध जताना ग्रामीणों की नाराजगी को दर्शाता है। अब सवाल यह है कि नावाडीह गांव में सड़क निर्माण की मांग पर कब तक ठोस पहल होगी। ग्रामीणों को समस्या के समाधान को लेकर स्पष्ट आश्वासन और समयबद्ध कार्रवाई का इंतजार है।
आजसू का जन चौपाल
इससे पहले गिरिडीह के पीरटांड़ प्रखंड स्थित जमुआ गांव में आजसू प्रमुख सुदेश महतो ने जन चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। पेड़ के नीचे बैठकर हुए इस संवाद में रोजगार की कमी और नशाखोरी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सुदेश महतो ने कहा कि 25 वर्षों के शासन के बाद यह देखना जरूरी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुंच रहा है या नहीं। उन्होंने बताया कि इस जन संवाद अभियान को पूरे झारखंड में चलाया जाएगा। वहीं, हरेलाल महतो के भाजपा में शामिल होने पर उन्होंने कहा कि 25 वर्षों की दोस्ती समाप्त हुई है और इस पर मंथन जरूरी है।

