पटना में लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य संरक्षा विभाग ने शहर के प्रमुख होटलों में औचक निरीक्षण (Patna Hotel Inspection) किया। इस दौरान रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन में कई अनियमितताएं सामने आईं। कार्रवाई के दौरान द पनाश होटल में करीब 10 किलोग्राम मटन-चिकन और छह पैकेट ब्रेड नष्ट कराए गए। वहीं, अन्य होटलों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिलने पर उसे भी नष्ट कराया गया। खाद्य संरक्षा टीम ने संबंधित सभी होटलों को इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी करते हुए 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया है। (Patna Hotel Inspection)
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यह कार्रवाई 9 अक्टूबर 2026 को खाद्य संरक्षा आयुक्त सह सचिव कुमार रवि के निर्देश पर की गई। टीम ने होटल गर्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एक्सोटिका, द पनाश होटल, होटल मौर्या और लेमन ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान पनीर, खोवा, चीज, सॉस और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए गए, जिन्हें गुणवत्ता की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई।
Patna Hotel Inspection: पांच प्रमुख होटलों में मिलीं अनियमितताएं
खाद्य संरक्षा विभाग की टीम ने निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के रखरखाव, रसोई की स्वच्छता, पानी की गुणवत्ता और कर्मचारियों की साफ-सफाई से जुड़े मानकों की जांच की। कई जगह खाद्य सामग्री के भंडारण में निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा था। कुछ होटलों में एक्सपायरी खाद्य सामग्री मिली, जबकि कहीं रसोई की सफाई और उपकरणों की स्थिति संतोषजनक नहीं थी।
विभाग ने इन कमियों को दूर करने के लिए संबंधित प्रतिष्ठानों को निर्देश दिया है। सभी संबंधित होटलों को 14 दिनों के भीतर सुधारात्मक कदम उठाने के लिए इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है।
होटल गर्गी ग्रैंड में एक्सपायरी सामग्री और भंडारण की खामियां
होटल गर्गी ग्रैंड के निरीक्षण (Patna Hotel Inspection) के दौरान रसोई में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखे पाए गए। खाद्य सामग्री के भंडारण में FEFO और FIFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। इन प्रणालियों का उद्देश्य खाद्य पदार्थों को उनकी समाप्ति तिथि और भंडारण अवधि के अनुसार इस्तेमाल करना है।
इसके अलावा, होटल में इस्तेमाल होने वाले पानी की आखिरी जांच वर्ष 2024 में कराए जाने और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होने जैसी कमियां भी सामने आईं। खाद्य संरक्षा टीम ने होटल से पनीर और अरहर दाल के वैधानिक नमूने संग्रहित कर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की। अनियमितताओं को देखते हुए होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया और 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने का निर्देश दिया गया।
पाटलिपुत्र एक्सोटिका में एक्सपायरी सामग्री नष्ट (Patna Hotel Inspection)
पाटलिपुत्र एक्सोटिका की रसोई में साफ-सफाई की स्थिति असंतोषजनक पाई गई। स्टोर रूम में खाद्य सामग्री के भंडारण के लिए FIFO प्रणाली का पालन नहीं किया जा रहा था। रसोई का वेंटिलेटर टूटा हुआ मिला, जिसके कारण वहां कबूतर की मौजूदगी भी देखी गई। इसके अतिरिक्त, बिल पर FSSAI नंबर अंकित नहीं था।
निरीक्षण (Patna Hotel Inspection) के दौरान होटल में छह किलोग्राम राज मिल्क, आठ किलोग्राम बेकरी मिक्स, 1.5 किलोग्राम हाइड्रो और 100 ग्राम जीरा सीप एक्सपायरी पाए गए। खाद्य संरक्षा टीम ने इन सामग्रियों को नष्ट कराया। होटल को नोटिस जारी कर 14 दिनों के भीतर सभी कमियों को दूर करने और खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
द पनाश होटल में 10 किलो मटन-चिकन और छह पैकेट ब्रेड नष्ट
पटना के द पनाश होटल में निरीक्षण (Patna Hotel Inspection) के दौरान फ्रीजर रूम में लगभग 10 किलोग्राम मटन और चिकन पॉलीथिन में लपेटकर रखा मिला। इन पैकेटों पर निर्माण तिथि और इस्तेमाल की अंतिम तिथि अंकित नहीं थी। खाद्य संरक्षा टीम ने संबंधित मटन और चिकन को मानव उपभोग के लिए उपयुक्त नहीं पाया।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत कार्रवाई करते हुए मटन-चिकन को जब्त कर नष्ट कराया गया। इसके अलावा, इस्तेमाल की अंतिम तिथि अंकित नहीं होने के कारण छह पैकेट ब्रेड भी नष्ट कराए गए।
होटल में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की तत्काल TDS मीटर से जांच की गई, जिसमें TDS का मान 44 पाया गया। विभागीय निरीक्षण रिपोर्ट में इसे निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं माना गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों से संबंधित नौ बिंदुओं पर विसंगतियां दर्ज की गईं। संबंधित खाद्य पदार्थों का कुल बाजार मूल्य 6,250 रुपये बताया गया है।
इन अनियमितताओं को देखते हुए द पनाश होटल को भी इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया गया है। होटल प्रबंधन को 14 दिनों के भीतर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया गया।
होटल मौर्या में बर्तनों और तापमान प्रबंधन पर सवाल
साउथ गांधी मैदान स्थित होटल मौर्या में निरीक्षण (Patna Hotel Inspection) के दौरान भोजन तैयार करने के लिए एल्युमिनियम के बर्तनों का इस्तेमाल किया जा रहा था। खाद्य संरक्षा टीम ने इनके इस्तेमाल पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। होटल में खाद्य पदार्थों को गर्म और ठंडा रखने की प्रक्रिया से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। तापमान प्रबंधन में भी कमियां पाई गईं।
इसके अलावा, फ्रिज और कुछ डीप फ्रीजर में जंग लगा हुआ मिला। कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता संतोषजनक नहीं पाई गई। ड्रेनेज सिस्टम में सुधार की जरूरत के साथ खाद्य और गैर-खाद्य पदार्थों को अलग-अलग नहीं रखने तथा बिना ढक्कन वाले डस्टबिन जैसी कमियां भी सामने आईं।
टीम ने होटल से पनीर और सॉल्टेड बटर के नमूने संग्रहित किए। पनीर के नमूने को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला, अगमकुआं भेजने की कार्रवाई की गई। होटल प्रबंधन को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करने के साथ कर्मचारियों की स्वच्छता, ड्रेनेज व्यवस्था और खाद्य सामग्री के सुरक्षित भंडारण में सुधार करने का निर्देश दिया गया।
लेमन ट्री होटल से पनीर, चीज और सॉस के नमूने
लेमन ट्री होटल में खाद्य संरक्षा टीम (Patna Hotel Inspection) ने पनीर, चीज, टमाटर सॉस और लिक्विड सॉस के वैधानिक नमूने संग्रहित किए। इन नमूनों को गुणवत्ता की जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया की गई। निरीक्षण के दौरान जाली लगे ड्रेनेज को उचित तरीके से ढकने का निर्देश भी दिया गया।
14 दिनों में कमियां दूर करने का निर्देश (Patna Hotel Inspection)
खाद्य संरक्षा विभाग के अनुसार, खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच (Patna Hotel Inspection) का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। इसके लिए खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है और नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
पटना के इन पांच प्रमुख होटलों में निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को 14 दिनों के भीतर सुधार करने का निर्देश दिया गया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण, रसोई की साफ-सफाई, पानी की गुणवत्ता और कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर विभाग की निगरानी (Patna Hotel Inspection) जारी रहेगी।

