राँची : HEC क्षेत्र की बस्तियों को अतिक्रमण के नाम पर उजाड़ने के खिलाफ आज बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के नेतृत्व में हजारों बस्तीवासियों ने शहीद मैदान से सचिवालय (प्रोजेक्ट भवन) तक पैदल मार्च निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया।बस्ती बचाओ संघर्ष समिति के बैनर चले चलाए जा रहे आंदोलन के क्रम में शहीद मैदान से एक जुलूस के शक्ल में प्रोजेक्ट भवन स्थित सचिवालय की ओर बस्ती वासियों का एक प्रदर्शन अतिक्रमण के नाम पर बस्ती उजाड़ना बंद करो की मांग रखी।
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मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा
इसी क्रम में लोगों ने 10 लाइन सड़क के नाम पर बस्ती वासियों को बेघर करना बंद करो, 10 लेन सड़क के स्थान पर फ्लाई ओवर का निर्माण करो, सुंदरीकरण के नाम पर बस्ती को उजाड़ना जाना बंद करो आदि गगन के किनारे लगाते हुए प्रोजेक्ट भवन की ओर प्रस्थान कर रही थी तभी प्रशासन की ओर से प्रदर्शन कारियों को एचईसी मुख्यालय के पास रोक देने के बाद मौके पर सभा आयोजित की गई। आयोजित सभा में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
समिति के संयोजक मिंटू पासवान ने कहा कि HEC, क्षेत्र की बस्तियों में 50-60 वर्षों से गरीब, मजदूर, आदिवासी-मूलवासी परिवार रह रहे हैं। HEC की स्थापना हमारे पूर्वजों के खून-पसीने से हुई है, अब उसी जमीन से हमें उजाड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने 7 दिनों के अंदर बस्ती खाली करने का मौखिक नोटिस दिया है। बरसात में बुलडोजर चलाना अमानवीय है।
मुख्य मांगें
1. बस्तियों को उजाड़ने की कार्रवाई और 7 दिन का नोटिस रद्द हो।
2. सभी बस्तीवासियों का सर्वे कर मालिकाना हक / पट्टा दिया जाए।
3. हजारों पेड़ काटकर बन रही 10 लाइन सड़क की योजना रद्द कर फ्लाईओवर बनाया जाए।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द विचार नहीं हुआ तो अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। सभा को संबोधित करने वालों में राजू नायक, रितु खालखो,हीरामणि देवी, रिंकी बडाईक, संगीता तिर्की, अनूप कुमार, आशा तिर्की, सुनीता, बिरसा उरांव, भोला, राजू जूलियस फ्यूचिक ,समसुल आलम ,विनोद लोहरा, सुमन देवी, सरोज देवी, रीमा देवीआदि कई लोग शामिल थे।


