पलामू : नीलांबर-पीतांबर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय एवं प्रशासनिक मामलों को लेकर डालटनगंज के विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने गंभीर सवाल उठाते हुए राज्यपाल-सह-कुलाधिपति को पत्र भेजा है। 17 सितंबर को भेजे गए पत्र में विधायक ने विश्वविद्यालय में सामने आए कथित वित्तीय अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच कराने तथा दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
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विधायक ने पत्र में कहा है कि विश्वविद्यालय में वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर विभिन्न स्तरों पर शिकायत, आवेदन, आरटीआई और अन्य माध्यमों से मामले उठाए जाते रहे हैं। इन शिकायतों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर विश्वविद्यालय से जुड़े कई गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक मामले जांच के दायरे में आए हैं।
पत्र में विशेष रूप से अंकेक्षण प्रतिवेदन का हवाला देते हुए परीक्षा कार्यों के संचालन के मद में लगभग 2.50 करोड़ रुपये के अनियमित भुगतान का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा कुलपति की नियुक्ति एवं अवधि विस्तार से संबंधित नियमों, दीक्षांत समारोह के बजट तथा वर्ष 2021-22 में डिजिटल बोर्ड के लिए प्राप्त लगभग 80 लाख रुपये की राशि के उपयोग समेत कई वित्तीय मामलों पर भी सवाल उठाए गए हैं।
विधायक ने कहा कि इतने गंभीर मामलों की जांच केवल विश्वविद्यालय अथवा विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने राज्यपाल-सह-कुलाधिपति से स्वतंत्र एवं निष्पक्ष केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने का आग्रह किया है, ताकि साक्ष्यों को प्रभावित करने अथवा अभिलेखों से छेड़छाड़ की किसी भी संभावना को रोका जा सके।उन्होंने जनहित, विद्यार्थियों के हित और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा का हवाला देते हुए पूरे मामले में तत्काल संज्ञान लेकर दोषी पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और सीबीआई जांच की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।


