रांची: शनिवार को पूर्वघोषित कार्यक्रम के तहत शहीद चौक पर फ़ोरम ऑफ सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड के द्वारा 11 सूत्री मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया. धरना में रेलवे,पोस्टल,आर एम एस,बैंक, बी एस एन एल,राज्य सरकार पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड पेंशनर्स कल्याण समाज, के सैंकड़ों पेंशनर्स प्रतिनिधियों ने भाग लिया. इसमें जमशेदपुर,धनबाद, डाल्टनगंज और हजारीबाग के पेंशनर्स प्रतिनिधि शामिल हुए.
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सभा की अध्यक्षता रेलवे जे एस बहल और साधन कुमार सिंहा डाक ने संयुक्त रूप से किया. सभा का संचालन करते हुए राज्य सचिव एम जेड ख़ान ने 19 सितंबर 1968 की केंद्रीय कर्मचारियों की हड़ताल का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन केंद्र सरकार ने दमनात्मक कार्रवाई करते हुए ESMO लागू कर 17 हजार से अधिक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया था और 50 हजार कर्मचारियों को डिसमिस और निलंबित किया था. सरकार की इस दमनात्मक करवाई से 17 कर्मचारियों की मृत्यु हुई थी. आज इस दिन को हम शहादत दिवस के रूप में मना रहे हैं. हमारे साथियों के इन बलिदानों के कारण ही सरकार आवश्यकता आधारित वेतन देने पर विवश हुई. मंहगाई भत्ते का न्यूट्रलाइजेशन समाप्त हुआ।
1968 के शहीदों के प्रति श्रद्धा सुमन
धरना सभा को रेलवे के चंचल कुमार सिंह, जे एस बहल,बी एस एन एल के नरेश लाल, झारखंड पेंशनर्स कल्याण समाज के एस पी सिंह, डाक से के डी राय व्यथित,साधन सिंहा, बृज बंशी प्रसाद सिंह ،जगदेव प्रसाद, बैंक से एम एल सिंह, राज्य सरकार पेंशनर्स एसोसिएशन के नवीन चौधरी और जी डी साहू ने संबोधित किया.
मुख्य मांगे:
1. वैलिडेशन संशोधन की वापसी
2. टर्म ऑफ रेफरेंस में संशोधन
3. एन पी एस/ यू पी एस की वापसी और ओ पी एस की बहाली
4. 50% DA/ DR को वेतन और पेंशन में विलय करना
5. बैंक पेंशनर्स का अपडेशन
6. बी एस एन एल पेंशनर्स का पेंशन रिवीजन
7. अंतरिम राहत की मंजूरी
8. पेंशन कम्युटेशन की अवधि 15 से 10 साल 8 माह करना आदि
प्रदर्शन में मुख्य रूप से हसीना तिग्गा,अमिता तिर्की, बी बारा, इजहार अंसारी हीरा राम तिवारी, बिपिन चौधरी अशोक कुमार रामचंद्र प्रसाद अवधेश पाठक रमेश सिंह जयराम प्रसाद अख्तर शाह, रंगनाथ पांडेय धनेश्वर गोस्वामी, जयप्रकाश झा बृजबंशी प्रसाद सिंह, नरेश प्रसाद, सुधीर कुमार वर्मा,इसाक मिंज,अभिजीत मलिक, सुशील कुमार पाण्डेय,कनक चौधरी,जे भट्टाचार्य,मुरारी महतो, परीक्षित सेठ, जे बारला, जयप्रकाश,आर एन रॉय,लाल बिहारी, सुरेन्द्र प्रसाद, धनंजय कुमार, ए एन राव, कालिदास मुंडा मधुसूदन राय, एच के बनर्जी, एस सी पाल, माय भेदुरी के अलावा सैकड़ों की संख्या में विभिन्न विभागों के पेंशनर्स प्रतिनिधि शामिल हुए।


