न्यूज डेस्क: चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अगले वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने से पहले संगठन के आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देने का रोडमैप पेश किया. नई दिल्ली के भारत मंडमप में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दूसरे सत्र में बोलते हुए राष्ट्रपति जिनपिंग ने ब्रिक्स विशेष आर्थिक क्षेत्र साझेदारी का प्रस्ताव रखा. यह जानकारी चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक एक्स पोस्ट के ज़रिए बताई.
इसे भी पढ़ें : 2029 से पहले देश के 21 राज्यों में लागू होगी समान नागरिक संहिता : अमित शाह
पोस्ट के मुताबिक़, प्रस्ताव में कहा गया है कि सदस्य देशों के बीच व्यापार, निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की योजना है. उन्होंने यह भी घोषणा की कि चीन अगले साल ब्रिक्स सेवा व्यापार मंच का आयोजन करेगा, ताकि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के नए क्षेत्रों को बढ़ावा दिया जा सके.
चीनी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कुल पांच पहलों का ज़िक्र किया है. इसमें ओपन सोर्स और समावेशी एआई पहल का भी प्रस्ताव रखा गया है. इसके तहत चीन ब्रिक्स एआई ओपन सोर्स समुदाय की स्थापना में अग्रणी भूमिका निभाएगा. डिजिटल क्षेत्र में चीन ने ब्रिक्स डिजिटल ईकोसिस्टम क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म स्थापित करने की बात कही.
विनिर्माण क्षेत्र के लिए चीन ने स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग सहयोग का प्रस्ताव रखा. इसके तहत वह ब्रिक्स देशों को स्मार्ट फ़ैक्ट्रियां बनाने और इस क्षेत्र के मानक तय करने में मदद देगा. विज्ञान और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में चीन ने ब्रिक्स इंजीनियर गठबंधन और युवाओं के लिए नवाचार आदान-प्रदान कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव दिया, ताकि कुशल प्रतिभाओं को तैयार किया जा सके.


