Airnow Desk: Jharkhand प्रदेश कांग्रेस कमिटी ने आज झारखंड में , बालाघाट में 30 आदिवासी बच्चों की हुई मृत्यु, के संदर्भ में सत्याग्रह धरना किया। बालाघाट में जितने बच्चों की जान गई, उनके परिजनों को 1 करोड़ रुपए की दिये जाए और मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य विभाग में हो रही और चूक को लेकर बात रखी।
Read more: रांची नगर आयुक्त IAS सुशांत गौरव का आचरण एक अधिकारी की बजाय JMM कार्यकर्ता की तरह : बाबूलाल मरांडी
बालाघाट के इस मामले ने काफी ज़्यादा विवाद खड़ा कर दिया है, आखिर 2 महीने में इतने बच्चों की मौत कैसे हुई। बालाघाट के बेहर, बिरसा के आस पास इलाकों में बच्चों के बीमार पड़ने की खबर बड़ी संख्या में आने लगी। शुरुआत में ये आँकड़े केवल 8-9 थे देखते देखते मामला बढ़ता गया। हालांकि अभी भी आँकड़े क्लियर नहीं है। काँग्रेस 30 बताती है, मीडिया रिपोर्ट्स का कहना है की 31 हो गया है, वहीं प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने इसे 28 बताया था। प्रशासन ने अब तक कोई आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया।
मामले के बाहर आते हीं, केंद्र सरकार की टीम ने इलाकों का सर्वे किया, उस दौरान 32 हजार 433 लोगों का मेडिकल स्क्रीनिंग किया गया। इसमे 7 हजार 711 बच्चे कुपोषित पाए गए। जिनमे से 518 की हालात बेहद गंभीर पाई गई। 3,406 बच्चे डायरिया से पीड़ित पाए गए, 274 को गंभीर निमोनिया था। जुलाई से अब तक 431 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, इनमें से 379 डिस्चार्ज हो चुके हैं, 52 अब भी इलाज में हैं। आज मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में, इसको लेकर सुनवाई भी हुई, और कोर्ट ने राज्य सरकार , स्वास्थ्य विभाग और बालाघाट के कलेक्टर से जांच रिपोर्ट देने को कहा।


