झारखंड: झारखंड में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने रहे निम्र दबाव के क्षेत्र और मॉनसून के सक्रिय होने का असर अब झारखंड में साफ दिख रहा है। राज्य के सभी जिलों में बारिश हो रही है। शनिवार के दिन लातेहार में सबसे अधिक 61 मिमी बारिश दर्ज की गई है। वहीं दूसरी तरह राँची में 15 मिमी, देवघर में 19 मिमी, दरिसाई में 27 मिमी, सरायकेला-खरसायवां में 13 मिमी, खूंटी में 5 मिमी, कोडरमा में 9 मिमी, जगन्नाथपुर में 11 मिमी, हजारीबाग और सिमडेगा में 2-2 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
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मौसम विभाग के मुताबिक 30 अगस्त को राँची समेत खूंटी, रामगढ़, हजारीबाग, गिरिडीह, सिमडेगा, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद, बोकारो, कोडरमा, दुमका, देवघर और जामताड़ा में भारी से भी भारी बारिश होने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा झारखंड के अन्य जिलों में भी बादल छाये रहने की उम्मीद है।
झारखंड में 31 अगस्त को मौसम विभाग द्वारा रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और लातेहार में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है और वहीं गढ़वा, पलामू, चतरा, कोडरमा, हजारीबाग, रामगढ़, बोकारो, सरायकेला-खरसावां, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सिमडेगा में येलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने 1 और 2 सितंबर को लेकर भी राज्य के कई जिलों में अलर्ट जारी किया है। 1 सितंबर को लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, रांची, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में माध्यम से भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं 2 सितंबर को दुमका, देवघर, जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग और कोडरमा में बारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
झारखंड में मॉनसून सामान्य रूप से 1 जून से 30 सितंबर तक रहता है और राज्य में वार्षिक औसत करीब 1400 मिमी बारिश होती है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 1 जून से 29 अगस्त तक झारखंड में सामान्य रूप से बारिश करीब 786.5 मिमी होनी चाहिए थी, जबकि राज्य में अब तक करीब 710.6 मिमी बारिश हुई है। कुल मिलाकर राज्य में अब तक सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
हालांकि राज्य के कुछ जिलों में सामान्य रूप से आधिक बारिश भी हुई है। राँची में सामान्य रूप से 7 प्रतिशत, पश्चिमी सिंहभूम में 44 प्रतिशत, सिमडेगा में 5 प्रतिशत, साहिबगंज में 9 प्रतिशत और खूंटी में 2 प्रतिशत से आधिक बारिश दर्ज की गई है।

