हेल्थ डेस्क : रांची में स्वाइन फ्लू H1N1 का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है और अब इसका असर छोटे बच्चों पर भी दिखने लगा है. शहर के रानी अस्पताल में तीन बच्चों को भर्ती किया गया है. इनमें एक 5 महीने का नवजात भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है.
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कैसे सामने आया मामला
जानकारी के मुताबिक, तीनों बच्चों को पहले निमोनिया की शिकायत थी. इलाज के दौरान जब जांच की गई, तो H1N1 संक्रमण की पुष्टि हुई. इसके बाद डॉक्टरों ने तुरंत उन्हें निगरानी में लेकर इलाज शुरू किया. सात और आठ महीने के दो अन्य बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उन्हें भी करीब से मॉनिटर किया जा रहा है.
ओपीडी में बढ़ रहे फ्लू के मरीज
इस बीच अस्पतालों में फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. डॉक्टरों का कहना है कि हर मरीज का H1N1 टेस्ट जरूरी नहीं होता, लेकिन जिनमें लक्षण ज्यादा गंभीर होते हैं, उनकी जांच कराई जा रही है. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जांच कराए गए कई मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है, जिससे चिंता बढ़ गई है.
क्यों खतरनाक है बच्चों के लिए
डॉक्टरों के मुताबिक, छोटे बच्चों की इम्युनिटी कमजोर होती है. ऐसे में अगर फ्लू के साथ निमोनिया जुड़ जाए, तो स्थिति जल्दी बिगड़ सकती है. यही वजह है कि बच्चों में हल्के लक्षण को भी नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है. साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेने से मना किया गया है, क्योंकि यह वायरल संक्रमण है.
स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल अलर्ट
बढ़ते मामलों को देखते हुए रिम्स और सदर अस्पताल को अलर्ट पर रखा गया है. रिम्स में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए अलग वार्ड तैयार है और आइसोलेशन बेड भी रिजर्व रखे गए हैं. स्वास्थ्य विभाग ने भी सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं. खासकर बाहर से आने वाले लोगों की निगरानी बढ़ाई जा रही है.
इन लक्षणों पर रखें नजर
अगर बच्चे को तेज बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत, बहुत ज्यादा कमजोरी, दूध या पानी न पीना, या सुस्ती दिखे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है. ऐसे लक्षण गंभीर संकेत हो सकते हैं. रांची में हालात अभी काबू में बताए जा रहे हैं, लेकिन मामलों का बढ़ना चिंता की बात है. समय पर पहचान और सही इलाज ही इस संक्रमण से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है.

