Hazaribagh News: जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। रिफॉर्म मंच ने 22 अगस्त की शाम हजारीबाग में मौन जुलूस निकालने का फैसला लिया है। मंच ने छात्रों, युवाओं और आम लोगों से जुलूस में शामिल होने की अपील की है।
दरअसल, छात्रों के आंदोलन के बीच सरकार ने कुछ नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार के नियुक्तियां रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी। कोर्ट के आदेश के बाद नौकरी से हटाए गए अभ्यर्थियों ने दोबारा अपने पद पर योगदान दे दिया। इस घटनाक्रम से नाराज छात्रों का कहना है कि उनके साथ धोखा हुआ है। छात्रों ने एक बार फिर आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया। आंदोलन के पहले दिन यानी 21 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में मुख्यमंत्री का पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस दौरान रांची और हजारीबाग में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज का आरोप है। वहीं, गिरिडीह में पुतला दहन करने पहुंचे छात्रों के साथ झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा मारपीट किए जाने का भी दावा किया गया है। रिफॉर्म मंच का कहना है कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई के विरोध में अब मौन जुलूस निकाला जाएगा। मंच ने इसे छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों और उनकी मांगों से जुड़ा आंदोलन बताया है।
मौन जुलूस के जरिए छात्र 21 अगस्त की घटनाओं का विरोध दर्ज कराएंगे और जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर अपनी मांगें सरकार के सामने रखेंगे। आंदोलन के अगले चरण को लेकर भी छात्र संगठनों की ओर से आगे की रणनीति तैयार की जा रही है।

