रांची: झारखंड में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और सेटिंग के खेल के खिलाफ अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है. CID थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत दर्ज मामले की तफ्तीश करते हुए CID और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने राज्य के 5 प्रमुख जिलों रांची, पलामू, हजारीबाग, बोकारो और धनबाद के कुल 18 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की. जानकारी के अनुसार कार्रवाई के दौरान हजारीबाग से लालू और प्रदीप नाम के दो सगे भाइयों को हिरासत में लिया गया है.
इसे भी पढ़ें: जमशेदपुर में युवक की मौत के बाद बवाल: थाना घेराव, सड़क जाम, गिरफ्तारी की मांग पर उग्र प्रदर्शन
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों में से एक का चयन हाल ही में आयोजित JPSC परीक्षा में हुआ था, जबकि दूसरा भाई परीक्षा में अभ्यर्थियों की सेटिंग कराने का काम करता था. छापेमारी के दौरान पुलिस को इनके ठिकाने से करोड़ों रुपये के चेक, उत्पाद सिपाही परीक्षा के एडमिट कार्ड, कई अन्य संवेदनशील और आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए हैं. हालाकि दोनों भाई को हिरासत में लिए जाने की कोई आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पाई है.
जांच के क्रम में CID के हाथ एक बेहद चौंकाने वाला तथ्य लगा है। मामले के मुख्य अभियुक्त अभय तिवारी की भूमिका राज्य की कम से कम 10 परीक्षाओं में संदिग्ध पाई गई है. अभय तिवारी ने केंद्र और राज्य स्तर की कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं को उत्तीर्ण किया है, जो अब जांच के घेरे में हैं.


