जामताड़ा: कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के रविवार को पुलिस एनकाउंटर में ढेर होने के मामले में नया मोड़ आया है। पोस्टमार्टम के बाद मीडिया से बातचीत में गैंगस्टर की सास उषा देवी ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित साजिश बताते हुए प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति के हाथ में हथकड़ी लगी हो और जो स्वयं जेल से बाहर निकलना नहीं चाहता था, वह पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश क्यों करेगा और पुलिस पर गोली क्यों चलाएगा?
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स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग
उषा देवी का दावा है कि सुजीत ने पहले भी जेल से बाहर ले जाने से इनकार किया था, क्योंकि उसे अपनी जान का खतरा था। परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि रात में सामने आई तस्वीरों में सुजीत सड़क पर दिखाई दे रहा था, जबकि सुबह जारी तस्वीरों में वह जंगल में नजर आया। उन्होंने इसे संदिग्ध बताते हुए पूरे एनकाउंटर की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
बहू को लेकर की ये मांग
उषा देवी ने कहा कि उनके 12 वर्षीय पोते अक्षत, जो छठी कक्षा का छात्र है, को न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चाईबासा जेल में बंद अक्षत की मां से मुलाकात कराने में जेल प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है तथा उसे पर्याप्त भोजन और दवा भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
बता दें कि जामताड़ा में रविवार देर रात लगभग 10:30 बजे पुलिस के साथ मुठभेड़ में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा मारा गया था। यह मुठभेड़ गोविंदपुर-साहिबगंज स्टेट हाईवे पर जामताड़ा थाना क्षेत्र के केनबोना और सुपायडीह के बीच हुई। घटना के समय गैंगस्टर सुजीत सिन्हा को साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल में शिफ्ट करने के लिए लाया जा रहा था। पुलिस के अनुसार सुजीत सिन्हा ने शौच का बहाना बनाकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उसने पुलिसकर्मी का हथियार छीनने का प्रयास किया था। जवाबी कार्रवाई में हुई मुठभेड़ में उसकी मौत हो गई।


