Wednesday, November 4, 2026

करणी सेना नेता हिमांशु सिंह हत्याकांड में SIT की बड़ी कार्रवाई, दो किशोर समेत 5 गिरफ़्तार, मुख्य आरोपी फरार

जमशेदपुर : जिले के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार में बीते दिनों हुए चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड मामले में गठित विशेष अनुसंधान दल यानी एसआईटी ने अब तक दो आरोपियों के अलावा तीन नाबालिगों को भी गिरफ़्तार किया है. इसमें दो किशोरों को गुरुवार को पकड़ा गया है। गुरूवार को एसएसपी कार्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसएसपी एहतेशाम वकारिब ने यह जानकारी दी.

इसे भी पढ़ें : केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने आम लोगों से की अपील, सौर ऊर्जा अपनाएं, बिजली बचाएं; पर्यावरण संरक्षण में योगदान दें

कई राज्यों में छापेमारी

एसएसपी ने बताया कि पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में झारखंड समेत अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे डीडी बार के अंदर हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह का विश्वनाथ लोहरा उर्फ बोदरा, सोनु राम सरदार और उनके साथियों से विवाद हुआ था। शुरुआती स्तर पर मामला शांत करा दिया गया, लेकिन आरोप है कि इसके बाद मुख्य आरोपी विश्वनाथ लोहरा ने अपने गांव से अन्य साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर बाद हथियारों से लैस आरोपी मौके पर पहुंचे और पूर्व नियोजित तरीके से हिमांशु सिंह तथा प्रत्युष सिंह पर हमला कर दिया।

पुलिस की मौजूदगी में हुई घटना

पुलिस की मौजूदगी में हुए इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) भेजा गया, जहां उपचार के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। पीड़ित पक्ष की शिकायत पर बिष्टुपुर थाना कांड संख्या 84/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

एसआईटी का गठन, हुई गिरफ़्तारी

घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसआईटी का गठन किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज, मानवीय सूचना और अन्य सबूतों के आधार पर लगातार छापेमारी अभियान चलाया। जांच के दौरान 28 जून को सोनु राम सरदार उर्फ सोनु मंडल और राज लोहार को गिरफ्तार किया गया। घटना में घायल सोनु का इलाज पहले टीएमएच और बाद में एमजीएम अस्पताल में कराया गया। वहीं राज लोहार को घटना में प्रयुक्त एक छोटी कुल्हाड़ी के साथ गिरफ्तार किया गया, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।

घटना से जुड़े कई साक्ष्य मिले

एसआईटी ने घटनास्थल से रक्त के नमूने, रक्तरंजित चप्पल, आरोपियों की मोटरसाइकिल, सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर को जब्त किया है। इसके अलावा हिमांशु सिंह और प्रत्युष सिंह के रक्तरंजित कपड़े भी अस्पताल से जब्त किए गए हैं। राज लोहार के घटना के समय पहने हुए रक्तरंजित कपड़ों को भी पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में लिया है।

तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर 30 जून को एक तथा 2 जुलाई को दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को निरुद्ध किया गया।

दूसरे राज्यों में छिपे हैं आरोपी

पुलिस का कहना है कि अन्य फरार आरोपी गिरफ्तारी के डर से झारखंड छोड़कर दूसरे राज्यों में छिपे हुए हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपियों ने पुलिस की कार्रवाई में बाधा पहुंचाई, पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की तथा पुलिस अभिरक्षा में लिए गए एक आरोपी को छुड़ाकर फरार करा दिया। इस मामले में सरकारी कार्य में बाधा, पुलिस पर हमला और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने सहित अन्य धाराओं में अलग से मामला दर्ज किया गया है।

अब तक ये सामान बरामद

पुलिस ने इस मामले में तीन मोटरसाइकिलों समेत घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी, रक्त के नमूने, रक्तरंजित कपड़े, चप्पल, सीसीटीवी फुटेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को जब्त कर वैज्ञानिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

एयर नाऊ स्पेशल

Radhakrishna Kishore Podcast: राजनीति में आने की वजह से...

Radhakrishna Kishore Podcast: झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर अपने बेबाक अंदाज और साफगोई के लिए जाने जाते हैं। एयरनाऊ के खास पॉडकास्ट...
- Advertisement -spot_img

सोशल मीडिया

25,000FansLike
40,000FollowersFollow
500FollowersFollow
113,000SubscribersSubscribe

ट्रेंडिंग ख़बर