Thursday, June 25, 2026

बोकारो पुष्पा केस: कंकाल के दांत से DNA का हुआ मिलान, हाई कोर्ट सख्त— पूछा, ‘लापरवाह पुलिसकर्मियों पर अब तक क्या एक्शन हुआ?’

राँची: झारखंड के बहुचर्चित बोकारो लापता युवती पुष्पा हत्याकांड में एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सीआईडी द्वारा बरामद किए गए मानव कंकाल के दांत का डीएनए पुष्पा के डीएनए से पूरी तरह मैच हो गया है। सेंट्रल फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (CFSL) कोलकाता की इस रिपोर्ट के बाद यह साफ होता दिख रहा है कि बरामद कंकाल पुष्पा का ही है। हालांकि, पूरे कंकाल का डीएनए अभी भी पुष्पा के माता-पिता के डीएनए से पूरी तरह मैच नहीं हो पाया है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। कोर्ट ने साफ लहजे में सवाल किया कि “इस संवेदनशील मामले की जांच में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है?”

हाईकोर्ट में पेश हुई CFSL रिपोर्ट, SIT भी रही मौजूद

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में विशेष जांच दल (SIT) की टीम व्यक्तिगत रूप से मौजूद रही। कोर्ट ने पुलिस को बरामद कंकाल का पंचनामा करने समेत सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने निचली अदालत में चल रही वर्तमान कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट भी तलब की है।

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माता-पिता को अब भी नहीं हो रहा यकीन, कोर्ट ने कहा— ‘कानून अपना काम करे’

सुनवाई के दौरान एक भावुक और पेचीदा मोड़ तब आया जब अदालत को बताया गया कि पुष्पा के परिजन अभी भी यह मानने को तैयार नहीं हैं कि बरामद कंकाल उनकी बेटी का ही है। एक मां-बाप के लिए इस सच को स्वीकार करना बेहद दर्दनाक है। इस पर हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि “पुलिस को अपनी जांच और कानूनी कार्रवाई की अच्छी समझ है। परिजनों की अपनी भावनाएं हो सकती हैं, लेकिन पुलिस को कानून के दायरे में रहकर पूरी मुस्तैदी से आगे बढ़ना चाहिए।”

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क्या है पूरा मामला?

बता दें कि 18 वर्षीय पुष्पा महतो, 21 जुलाई 2025 से बोकारो के पिंडराजोरा थाना क्षेत्र से रहस्यमय तरीके से लापता हो गई थी। परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन सही से जांच नहीं किए जाने पर परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर जांच में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो थक-हारकर परिवार ने न्याय के लिए झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मामले की जांच तेज हुई और CID ने अप्रैल 2026 में पुष्पा के घर से करीब 10 किलोमीटर दूर से मानव अवशेष बरामद किए थे। इसके बाद कंकाल और पुष्पा के माता-पिता के DNA सैंपल जांच के लिए CFSL कोलकाता भेजे गए थे। जहां से अब दांत के डीएनए के मिलान की पुष्टि हुई है। अब रिपोर्ट सामने आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है।

आगे क्या?

डीएनए रिपोर्ट का यह आंशिक मिलान इस मिस्ट्री को सुलझाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या हाई कोर्ट के इस कड़े रुख के बाद उन शुरुआती पुलिस अफसरों पर गाज गिरेगी जिन्होंने जांच में ढिलाई बरती थी? वहीं, पुलिस के लिए अब कातिलों तक पहुंचना और इस पूरी साजिश का पर्दाफाश करना सबसे बड़ी चुनौती है।

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