Wednesday, June 17, 2026

रांची में सीएम आवास में महागठबंधन के विधायकों की बैठक, नो रिजेक्ट फॉर्मूले से राज्यसभा की किलाबंदी

रांची : झारखंड में राज्यसभा चुनाव की बिसात पर शह और मात का खेल चरम पर है. एक तरफ जहां विरोधी कैंप होटल की ऊंचाइयों में रणनीति बुन रहा है, वहीं सत्तारूढ़ महागठबंधन ने मुख्यमंत्री आवास को ही पॉलिटिकल वॉर रूम बना दिया है. मंगलवार को सीएम आवास में हुई महागठबंधन के विधायकों की महाबैठक ने साफ कर दिया कि सत्ता पक्ष इस बार हर एक वोट को लोहे का कवच पहनाने की तैयारी में है. रणनीतिकारों की असली परीक्षा उस वक्त हुई जब विधायकों के बीच मॉक पोल (मॉक वोटिंग) कराया गया, और सबसे चौंकाने वाली तथा राहत भरी बात यह रही कि एक भी वोट रिजेक्ट नहीं हुआ. यानी, महागठबंधन का ‘परफेक्ट 100%’ का गणित जमीन पर उतरने को बेताब है.

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‘नो रिजेक्ट’ मॉक पोल

राज्यसभा चुनाव में सबसे बड़ा डर तकनीकी गलतियों के कारण वोट रद्द होने का होता है. इसी डर को खत्म करने के लिए सीएम आवास की बैठक में बकायदा ईवीएम और बैलेट का रिहर्सल कराया गया. बैठक में शामिल सभी दलों के विधायकों ने जब डमी वोट डाले, तो एक भी मॉक पोल रद्द नहीं हुआ. कांग्रेस के पर्यवेक्षक अजय शर्मा ने इस सफलता पर गदगद होते हुए कहा, हमारे पास 56 विधायकों का मजबूत आंकड़ा है. सभी विधायक न सिर्फ बैठक में मौजूद थे, बल्कि पूरी तरह इंटैक्ट हैं. दोनों सीटों पर महागठबंधन का परचम लहराएगा.

बुधवार को साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस

महागठबंधन अपनी इस किलेबंदी को ढीला नहीं छोड़ना चाहता. यही वजह है कि बुधवार को बैठकों का डबल डोज तय किया गया है. पहली बैठक दिन की शुरुआत बीएनआर होटल में चुनावी बारीकियों और नंबर गेम को री-चेक करने से होगी. दूसरी बैठक शाम को एक बार फिर सभी मुख्यमंत्री आवास में जुटेंगे, जहां आखिरी मुहर लगाई जाएगी. इन दोनों बैठकों के बाद महागठबंधन एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए अपनी एकजुटता का शक्ति प्रदर्शन भी करेगा.

‘हाई-प्रोफाइल’ रणनीति

सिर्फ विधायकों को एकजुट रखना ही काफी नहीं है, असली खेल तो पोलिंग बूथ और काउंटिंग टेबल पर होता है. इसीलिए कांग्रेस ने दिल्ली से अपने सबसे भरोसेमंद दिग्गजों को सीधे रांची के मैदान में उतार दिया है. कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और सह-प्रभारी श्रीबेला प्रसाद खुद पोलिंग एजेंट बनकर बूथ के भीतर की हर हलचल पर पैनी नजर रखेंगे. वोटों की गिनती के समय होने वाली किसी भी तरह की ‘पॉलिटिकल जादूगरी’ या हेरफेर को रोकने के लिए सीधे सांसद नासिर हुसैन को काउंटिंग एजेंट के रूप में तैनात किया गया है. देखना दिलचस्प होगा कि मॉक पोल की यह शत-प्रतिशत’ सफलता असली नतीजों में कितनी तब्दील हो पाती है.

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