Saturday, June 13, 2026

गढ़वा में मेदिनीनगर सदर अस्पताल के नाम पर बन रहे थे जाली जन्म प्रमाण पत्र, सेंटर हुआ सील

गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिला प्रशासन ने एक बड़े और संगठित जालसाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए मेराल प्रखंड क्षेत्र के ओखरगाड़ा पचपेड़ी मोड़ पर स्थित विशाल ऑनलाइन सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया है। यह सेंटर मेदिनीनगर सदर अस्पताल के नाम पर फर्जी डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनाने के काले कारोबार में लिप्त पाया गया है। गढ़वा के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार के सीधे निर्देश पर हुई इस औचक छापेमारी से इलाके के जालसाजों में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रभारी बीडीओ-सह-अंचल अधिकारी (सीओ) यशवंत नायक और मेराल थाना प्रभारी विष्णु कांत भी भारी पुलिस बल के साथ तैनात रहे।

दौरे के दौरान मिली गुप्त सूचना पर हुआ खुलासा

मामले की जानकारी देते हुए सीओ यशवंत नायक ने बताया कि एसडीएम संजय कुमार क्षेत्र के भ्रमण पर थे, तभी प्रशासन को इस फर्जी रैकेट के सक्रिय होने की एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली। सूचना में बताया गया था कि पचपेड़ी मोड़ के इस ऑनलाइन सेंटर पर मेदिनीनगर सदर अस्पताल के नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर धड़ल्ले से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बिना वक्त गंवाए एक त्वरित जांच टीम का गठन किया। जब टीम ने सेंटर पर अचानक धावा बोला, तो वहाँ चल रहा अवैध खेल रंगे हाथों पकड़ा गया।

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व्हाट्सएप के जरिए पलामू से जुड़ा था मास्टरमाइंड

प्रशासनिक पूछताछ में ऑनलाइन सेंटर के संचालक, गोंदा गाँव निवासी विशाल कुमार ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कबूल किया कि वह अकेले इस धंधे में नहीं था, बल्कि मेदिनीनगर (पलामू) के संतोष कुमार नामक व्यक्ति के साथ मिलकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था। संचालक विशाल कुमार ग्राहकों के पहचान पत्रों की फोटोकॉपी व्हाट्सएप के माध्यम से मेदिनीनगर में बैठे संतोष को भेजता था। इसके बाद मेदिनीनगर से हूबहू असली दिखने वाला मेदिनीनगर सदर अस्पताल का जाली डिजिटल सर्टिफिकेट बनकर वापस आ जाता था।

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सीधे-साधे लोगों से मोटी अवैध वसूली

इस एक जाली सर्टिफिकेट के बदले गरीब और सीधे-साधे ग्रामीणों से 1,000 रुपये से लेकर 1,400 रुपये तक वसूले जाते थे। संचालक ने स्वीकार किया है कि वह अब तक करीब 30 से 40 जाली जन्म प्रमाण पत्र बनाकर बाजार में खपा चुका है और लोगों को धोखा दे चुका है।

एफआईआर दर्ज, जारी किए सभी सर्टिफिकेट होंगे रद्द

एसडीएम संजय कुमार ने इस मामले को बेहद गंभीर और संगठित अपराध बताया है। छापेमारी के दौरान सेंटर से भारी मात्रा में लोगों के पहचान पत्रों की फोटोकॉपी, जाली सर्टिफिकेट और आवेदन फॉर्म जब्त किए गए हैं। मुख्य आरोपी संतोष कुमार और सेंटर संचालक विशाल कुमार समेत इस रैकेट में शामिल सभी लोगों के खिलाफ मेराल थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जा रही है। मामले की तह तक जाने के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस सेंटर से जारी हुए सभी फर्जी जन्म प्रमाण पत्रों को चिन्हित कर तत्काल रद्द किया जाएगा।

जिला प्रशासन की जनता से अपील

गढ़वा जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के सरकारी प्रमाण पत्र (जैसे जन्म, मृत्यु, जाति या आय प्रमाण पत्र) के लिए केवल सरकारी प्रज्ञा केंद्र या सरकार के आधिकारिक अधिकृत पोर्टल का ही उपयोग करें। किसी भी निजी या अनधिकृत ऑनलाइन सेंटर के झांसे में न आएं, क्योंकि फर्जी कागजात बनवाने और इस्तेमाल करने वालों पर भी कड़ी कानूनी गाज गिर सकती है।

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