नई दिल्ली : देश के 4 राज्यों असम, केरल, तमिलनाडु व प बंगाल और एक केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव के तारीखों का ऐलान हो गया है. रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस कर चुनाव के तारीखों का ऐलान किया गया है. मुख्य चुनाव आयुक्त के अनुसार केरल, असम और पुदुचेरी में एक चरण में 9 अप्रैल को मतदान होगा. जबकि तमिलनाडु में एक चरण में 23 अप्रैल को और प बंगाल में दो चरणों में 23 व 29 अप्रैल को वोटिंग होंगे.
Highlights:
तमिलनाडु और प बंगाल में 30 मार्च को अधिसूचना
प बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर 30 मार्च को पहले चरण के 154 सीटों के लिए अधिसूचना जारी होगी तो वहीं 2 अप्रैल को अन्य 142 सीटों के लिए अधिसूचना जारी होगी. पहले चरण वाले सीटों के लिए 6 अप्रैल और दूसरे चरण वाले सीटों के लिए 9 अप्रैल तक नामांकन होंगे. इसी तरह तमिलनाडु के सभी 234 विधानसीटों के लिए 30 मार्च को अधिसूचना जारी होगी और 6 अप्रैल तक नामांकन भरे जा सकेंगे.
तीन राज्यों में 16 मार्च को अधिसूचना
इसके अलावा असम के 126 सीटों, पुदुचेरी के 30 विधानसभा सीटों और केरल के 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को होने वाले चुनाव के लिए 16 मार्च यानी सोमवार को अधिसूचना जारी होगी और 23 मार्च तक नामांकन भरे जा सकेंगे. 24 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच और 26 मार्च तक नाम वापसी हो सकेगा. जबकि 4 मई को सभी 4 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी में एक साथ मतगणना होगी.
पांच चुनावी राज्यों में ऐसे हैं आंकड़े
कुल मतदाता: 17.4 करोड़
कुल विधानसभा सीटें: 824
कुल मतदान केंद्र: 2.19 लाख
कुल मतदान अधिकारी: 25 लाख
पश्चिम बंगाल में 6.44 करोड़ मतदाता हैं जबकि असम में मतदाताओं की संख्या 2.5 करोड़ और केरल में 2.70 करोड़ मतादाता 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को मतदान करेंगे. केरल में 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं. असम में 31 हजार पोलिंग बूथ बनाए गए हैं. 4 राज्यों व एक केंद्र सासित प्रदेश पुदुचेरी में चुनाव को लेकर 25 लाख चुनाव अधिकारी तैनात किए गए हैं. इसी तरह 8.5 लाख सुरक्षाकर्मी नियुक्त किए गए हैं. काउंटिग के लिए 40 हजार कर्मचारी नियुक्त किए गए.
294 सीटों पर हो रहे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 7 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 3.6 करोड़ पुरुष वोटर और 3.4 करोड़ महिला शामिल हैं। यहां 1402 वोट थर्ड जेंडर के भी हैं। तमिलनाडु में कुल 5.6 करोड़ वोटर हैं, जिनमें 2.7 करोड़ पुरुष और 2.8 करोड़ महिला वोटर हैं। यहां 7617 वोट थर्ड जेंडर के भी हैं।
SIR को लेकर बोले चुनाव आयुक्त
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, ‘किसी भी लोकतंत्र की नींव पारदर्शी मतदाता सूची होती है। इसी उद्देश्य से संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।
मैं इस कार्य के सुचारू संचालन और पूर्णता को सुनिश्चित करने के लिए सभी बूथ स्तरीय अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और इस कार्य में शामिल सभी चुनाव अधिकारियों को बधाई देता हूं।’

