लखनऊ : धनारी थाना क्षेत्र से अपहृत कर हत्या किए गए दो सगे भाइयों के सनसनीखेज मामले में फरार चल रहा मुख्य हत्यारोपित धनवीर सोमवार को चंदौसी न्यायालय में अधिवक्ता की ड्रेस पहनकर पहुंचा और अपने वकील के माध्यम से न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपित के समर्पण की सूचना पुलिस को पहले ही मिल चुकी थी, जिसके चलते न्यायालय परिसर के सभी गेटों पर पुलिस की कड़ी सुरक्षा तैनात थी। इसके बावजूद धनवीर अधिवक्ताओं के बीच घुल-मिलकर परिसर में प्रवेश करने में सफल रहा।
बताया गया कि इससे पहले भी आठ जनवरी को आरोपित ने आत्मसमर्पण का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस की सतर्कता के कारण वह उस समय ऐसा नहीं कर पाया था। फरारी के दौरान न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने दो फरवरी को बदायूं जिले के उघैती थाना क्षेत्र स्थित उसके घर की करीब दो लाख रुपये मूल्य की संपत्ति कुर्क की थी। इसके अतिरिक्त, उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 209 के तहत भी रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसमें गिरफ्तारी वारंट के बावजूद न तो गिरफ्तारी देने और न ही आत्मसमर्पण करने, साथ ही न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया गया था।
यह जघन्य घटना पिछले वर्ष 26 नवंबर 2025 को हुई थी। आरोप है कि एकतरफा प्रेम के विरोध में धनारी थाना क्षेत्र के एक गांव स्थित ननिहाल में आयोजित शादी के दौरान आरोपित ने दोनों सगे भाइयों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उनकी हत्या कर दी। 29 नवंबर को बड़े भाई का शव रजपुरा थाना क्षेत्र के जंगल से बरामद हुआ था, जबकि दूसरे भाई का शव 12 दिसंबर को गांव भकरौली के तालाब किनारे मिला था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि हुई थी। जांच के दौरान रिश्ते में मौसेरे भाई की संलिप्तता सामने आई, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। धनारी थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि आरोपित ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। अब पुलिस न्यायालय से कस्टडी रिमांड की मांग कर मामले की विवेचना को तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ाएगी।


