Thursday, May 28, 2026

जेल में नौ महीने से बंद निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे, कई गंभीर आरोपों का कर रहे सामना

हजारीबाग: झारखंड के निलंबित और जेल में बंद वरीय आईएएस अधिकारी विनय चौबे की कानूनी मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़े मामलों में फंसे विनय चौबे पिछले नौ महीने से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों की संख्या और गंभीरता को देखते हुए यह माना जा रहा है कि उन्हें अभी लंबे समय तक जेल में ही रहना पड़ सकता है।

भ्रष्टाचार से जुड़े मामले दर्ज

विनय चौबे के खिलाफ फिलहाल भ्रष्टाचार से जुड़े चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। पहला मामला शराब घोटाले से जुड़ा है, जिसका कांड संख्या 9/2025 है। दूसरा मामला सेवायत भूमि की नियमों के खिलाफ खरीद-बिक्री से संबंधित है, जिसमें भी कांड संख्या 9/2025 दर्ज की गई है। तीसरा मामला वन भूमि की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा हुआ है, जिसका कांड संख्या 11/2025 है।

वहीं चौथा मामला आय से अधिक संपत्ति का है, जिसमें कांड संख्या 20/2025 दर्ज की गई है। इन चार मामलों के अलावा विनय चौबे के खिलाफ धोखाधड़ी और कंपनी हथियाने का एक अलग मामला भी दर्ज किया गया है। इस संबंध में रांची के जगन्नाथपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इस केस ने उनकी मुश्किलों को और बढ़ा दिया है।

शराब घोटाला मामले में मिली बेल 

शराब घोटाला मामले में समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं होने के कारण विनय चौबे को डिफॉल्ट बेल जरूर मिल गई है। हालांकि अन्य मामलों में उन्हें अब तक राहत नहीं मिली है। बाकी मामलों में वे अभी भी न्यायिक हिरासत में हैं। बताया जा रहा है कि तीन मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि दो मामलों में उन्होंने अभी तक जमानत के लिए आवेदन ही नहीं किया है।

जेल से रिहाई आसान नहीं

कानून के जानकारों का मानना है कि जिन धाराओं और मामलों में विनय चौबे फंसे हुए हैं, उनकी गंभीरता को देखते हुए उनका जेल में रहना अभी लंबे समय तक जारी रह सकता है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालतों का रुख उनके लिए राहत के संकेत नहीं दे रहा है। बताया जा रहा है कि जेल में समय बिताने के लिए विनय चौबे किताबों का सहारा ले रहे हैं। उनसे मिलने वाले लोगों के अनुसार, वे एक के बाद एक कई किताबें पढ़ रहे हैं। हाल ही में वे मशहूर लेखक जेफ्री आर्चर की किताब An Eye For An Eye पढ़ते नजर आए हैं।

किताब का संदेश और मौजूदा हालात

इस किताब का मुख्य संदेश कानून और बदले की भावना से जुड़ा है। किताब के अनुसार, कानून के शासन से पहले के समाजों में यदि किसी व्यक्ति को नुकसान पहुंचता था तो पीड़ित या उसका रिश्तेदार बदला लेता था, जो कई बार अपराध से भी ज्यादा खतरनाक और मौत तक पहुंचने वाला होता था। फिलहाल विनय चौबे की रिहाई को लेकर कोई साफ संकेत नहीं है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई, अदालतों के फैसले और लंबित मामलों की सुनवाई पर ही उनका भविष्य निर्भर करेगा। तब तक उनका जेल में समय किताबों और कानूनी लड़ाई के बीच गुजर रहा है।

एयर नाउ स्पेशल

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