रांची: झारखंड के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स (राजेन्द्र आयुर्विज्ञान संस्थान) से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के ट्रामा सेंटर में इलाज के लिए भर्ती एक बाल कैदी मंगलवार सुबह सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया। चोरी के आरोप में बंद इस किशोर ने जिस शातिराना अंदाज में भागने की योजना बनाई, उसने अस्पताल और जेल प्रशासन की सतर्कता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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पेट दर्द का बनाया बहाना
जानकारी के अनुसार, फरार बाल कैदी रांची के डूमरदगा स्थित बाल सुधार गृह में बंद था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले उसने अचानक पेट में असहनीय दर्द की शिकायत की थी। बाल सुधार गृह प्रशासन ने मानवीय आधार पर उसे तुरंत रिम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया। मंगलवार की सुबह जब सुरक्षाकर्मी तैनात थे, तभी वह मौका पाकर वार्ड से बाहर निकला और अस्पताल परिसर से गायब हो गया।
4 दिन पहले किया था सरेंडर
फरार बाल कैदी रांची के खलारी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। वह इलाके में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात में शामिल था। पुलिस लगातार उसके ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी, जिससे दबाव में आकर उसने महज चार दिन पहले ही आत्मसमर्पण किया था। न्यायिक प्रक्रिया के बाद उसे डूमरदगा सुधार गृह भेजा गया। सुधार गृह में रहने के महज 48 घंटों के भीतर उसने बीमारी का बहाना बनाया। जिसके बाद मंगलवार सुबह मौका देख फरार हो गया।
खलारी और आसपास के इलाकों में अलर्ट
बाल कैदी के फरार होने की सूचना मिलते ही बरियातू थाना और खलारी थाना पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस की एक टीम उसके संभावित ठिकानों और पैतृक गांव में छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापरवाही बरतने वाले सुरक्षाकर्मियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं ट्रामा सेंटर जैसे संवेदनशील विभाग में, जहां चौबीसों घंटे सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रहती है, वहां से एक कैदी का भाग जाना बड़ी लापरवाही माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अस्पताल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि वह किस रास्ते से बाहर निकला और फरार हुआ।


