नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। बजट को लेकर आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक सभी की नजरें टिकी हुई हैं। लेकिन बजट से पहले ही 1 फरवरी 2026 से कई बड़े नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं, जिसका असर सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। बैंकिंग, फास्टैग, टैक्स और ईंधन से जुड़े इन बदलावों ने लोगों की जेब पर पहले ही असर दिखाना शुरू कर दिया है।
Highlights:
सबसे बड़ा बदलाव बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिला है। SBI, HDFC, PNB और ICICI जैसे बड़े बैंकों ने अपने चार्ज और नियमों में संशोधन किया है। भारतीय स्टेट बैंक SBI ने IMPS ट्रांजेक्शन पर शुल्क बढ़ा दिया है। अब 25 हजार से 1 लाख रुपये तक के IMPS लेनदेन पर जीएसटी समेत 2 रुपये, 1 लाख से 2 लाख रुपये तक पर 6 रुपये और 2 लाख से 5 लाख रुपये तक के लेनदेन पर 10 रुपये शुल्क देना होगा।
KYC अपडेट करने का निर्देश
वहीं, HDFC बैंक ने अपने प्रीमियम इंफिनिया क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स नियमों में बदलाव किया है। 1 फरवरी 2026 से इस कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट्स को महीने में केवल 5 बार ही रिडीम किया जा सकेगा, जिससे कार्डधारकों को झटका लगा है। पंजाब नेशनल बैंक ने अपने सभी ग्राहकों को 2 फरवरी तक KYC अपडेट करने का निर्देश दिया है। RBI के नियमों के अनुसार KYC न कराने पर बैंकिंग सेवाओं में दिक्कत आ सकती है।
फास्टैग यूजर्स के लिए राहत की खबर है। NHAI ने नई कार खरीदने वालों के लिए फास्टैग का KYV प्रोसेस बंद कर दिया है। साथ ही, पुराने यूजर्स को अब बार-बार KYV कराने की जरूरत नहीं होगी। बजट के बाद टैक्स, ईंधन के दाम और आर्थिक नीतियों में भी बड़े बदलाव संभव हैं। तंबाकू, सिगरेट और पान मसाला पर टैक्स बढ़ने से ये उत्पाद महंगे हो सकते हैं। इसके अलावा LPG, CNG, PNG और एविएशन फ्यूल की कीमतों में बदलाव से आम जनता और हवाई यात्रियों की जेब पर असर पड़ सकता है।



