Tuesday, September 15, 2026

उत्तराखंड में बाल विवाह के खिलाफ मुख्यमंत्री धामी ने बाल विवाह मुक्ति रथ को दिखाई हरी झंडी

देहरादून: उत्तराखंड में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार और सामाजिक संगठनों ने मिलकर व्यापक अभियान शुरू किया है। शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास से बाल विवाह मुक्ति रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ राज्यभर में घूमकर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देगा।

राज्यभर में चलेगा जागरूकता अभियान

बाल विवाह मुक्ति रथ को समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा संचालित किया जा रहा है। यह रथ विशेष रूप से दूरस्थ, ग्रामीण और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक करेगा। अभियान की अवधि 24 जनवरी से 8 मार्च तक तय की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मौके पर कहा कि बाल विवाह केवल कानून का विषय नहीं है, बल्कि यह समाज की सोच और चेतना से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि इस कुरीति को समाप्त करने के लिए सरकार, समाज और परिवार को तीनों मिलकर प्रयास करने होंगे। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि यह रथ अभियान समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाएगा।

गांव से शहर तक पहुंचेगा संदेश

अभियान के तहत राज्य के गांवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक स्थलों पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को बाल विवाह से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में बताया जाएगा। इस जन-जागरूकता अभियान में नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, आईईसी सामग्री का वितरण और जनसंवाद जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इन कार्यक्रमों के जरिए आम लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें बाल विवाह रोकने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बाल अधिकारों की सुरक्षा पर जोर

इस अवसर पर उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि ऐसे अभियानों से समाज में जागरूकता बढ़ेगी और बच्चों को बेहतर भविष्य देने में मदद मिलेगी। समर्पण सोसाइटी के अध्यक्ष विपिन पंवार ने बताया कि यह अभियान केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को परामर्श और सहयोग भी प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि बाल विवाह मुक्त समाज बनाने के लिए लगातार प्रयास जरूरी हैं।

सामूहिक प्रयास से ही होगा बदलाव

कार्यक्रम में मौजूद अन्य गणमान्य लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। सभी ने एक स्वर में कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को खत्म करने के लिए सामूहिक जागरूकता और निरंतर प्रयास बेहद जरूरी हैं। उत्तराखंड सरकार और सामाजिक संगठनों की यह संयुक्त पहल बाल विवाह के खिलाफ मजबूत संदेश देती है। बाल विवाह मुक्ति रथ के जरिए राज्य के कोने-कोने तक पहुंचकर समाज को जागरूक किया जाएगा, जिससे आने वाले समय में इस सामाजिक बुराई पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

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