कर्नाटक : 23 जनवरी को कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य में बाइक टैक्सी सर्विस पर लगा बैन हटा दिया है। डिविजन बेंच के सामने बाइक टैक्सियों पर रोक लगाने वाले सिंगल बेंच को चुनौती दी गई थी। जिसके वजह से हाई कोर्ट ने उन पिछले आदेशों को रद कर दिया, जिन्होंने एप-बेस्ड बाइक टैक्सी सर्विस को रोक दिया था। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस विभु बकरू और जस्टिस सीएम जोशी की डिविजन बेंच ने सिंगल-जज के आदेश को पलट दिया है।
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, चीफ जस्टिस विभु बकरू और जस्टिस सीएम जोशी की डिविजन बेंच ने सिंगल-जज के आदेश को पलट दिया है। कर्नाटक हाई कोर्ट ने बाइक टैक्सी सर्विस के संबंध में निर्देश दिए हैं। बाईक मालिकों को ट्रांसपोर्ट वाहनों के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति के लिए एक आवेदन जमा करना होगा और सरकार को कानून के अनुसार मंजूरी देनी होगी।
जून 2025 में हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के आदेश पर ओला, रैपिडो और उबर जैसे एग्रीगेटर्स की बाइक टैक्सी सर्विस बंद कर दी गई थी। कोर्ट के आदेश के बाद सभी कंपनियों ने राइडिंग एप से बाइक टैक्सी के ऑप्शन को हटा दिया था।कर्नाटक के परिवहन मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने जून में हाई कोर्ट का आदेश आने के बाद कहा था कि एग्रीगेटर्स को कोर्ट के फैसले का पालन करना होगा। लेकिन, अब हाई कोर्ट की डिविजन बेंच ने बाइक टैक्सी कंपनियों के पक्ष में फैसला सुनाया है।


