चतरा: झारखंड के चतरा जिले से एक नाबालिग लड़की के लापता होने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गिद्धौर थाना क्षेत्र के गांगपुर गांव से 14 वर्षीय मुन्नी कुमारी उर्फ रानू कुमारी बीते 20 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता है, लेकिन अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
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कब और कैसे हुई घटना
यह घटना 28 दिसंबर 2025 की बताई जा रही है। गांगपुर गांव निवासी निर्मल राणा की बेटी मुन्नी कुमारी अपने कुछ दोस्तों के साथ घर के पास ही पिकनिक मनाने निकली थी। परिजनों को उम्मीद थी कि वह शाम तक लौट आएगी, लेकिन देर शाम तक जब वह घर नहीं पहुंची तो परिवार की चिंता बढ़ गई। आसपास काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला। परिजनों का कहना है कि बेटी के लापता होने के बाद 31 दिसंबर 2025 को ही गिद्धौर थाना में लिखित आवेदन देकर उसकी सुरक्षित बरामदगी की गुहार लगाई गई थी। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने शुरुआती करीब 10 दिनों तक मामले को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे जांच में देरी हुई।
अब सक्रिय हुई पुलिस
मामला सामने आने और दबाव बढ़ने के बाद पुलिस हरकत में आई है। क्षेत्र में घने जंगल और पहाड़ी इलाके होने के कारण खोज अभियान को चुनौतीपूर्ण बताया जा रहा है। पुलिस अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। ड्रोन कैमरों से जंगलों और आसपास के इलाकों की निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस की कई टीमें लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं और तकनीकी सर्विलांस के जरिए भी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। इतने व्यापक प्रयासों के बावजूद 20 दिन बीत जाने के बाद भी मुन्नी कुमारी का कोई पता नहीं चल पाया है। न तो उसकी लोकेशन का सुराग मिला है और न ही किसी तरह का ठोस संकेत हाथ लगा है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
बेटी के लापता होने से परिजन पूरी तरह टूट चुके हैं। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, गांव में भी डर और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग बच्ची की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और तलाशी अभियान को और तेज करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि अगर शुरुआत में ही पुलिस सख्ती दिखाती, तो शायद बच्ची का अब तक पता चल चुका होता। फिलहाल पुलिस का कहना है कि तलाश जारी है और हर संभावित पहलू पर जांच की जा रही है। लेकिन 20 दिन बाद भी कोई सुराग न मिलना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रहा है।


