Tuesday, July 21, 2026

BMC चुनाव से पहले सियासी संग्राम तेज, 15 जनवरी को वोटिंग, 16 को नतीजे

महाराष्ट्र : महाराष्ट्र में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल चरम पर है। राज्य की सबसे अहम सिविक बॉडी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) समेत 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को मतदान होगा, जबकि नतीजे 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। इस चुनाव में 15 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं। अकेले BMC की बात करें तो यहां 227 वार्ड हैं, जहां करीब 1,700 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मुंबई का यह चुनाव सिर्फ नगर निगम तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे सत्ता और सियासी प्रभाव की बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

प्रचार के आखिरी दिन सियासी तकरार

चुनाव प्रचार खत्म होने से एक दिन पहले, सोमवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा कि पिछले 25 सालों में जब BMC पर शिवसेना का नियंत्रण था, तब मराठी मानुष के लिए क्या किया गया। गौरतलब है कि अविभाजित शिवसेना ने 1997 से 2022 तक BMC पर शासन किया था। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे, जो करीब 20 साल बाद नागरिक चुनाव में एक साथ आए हैं। उन्होंने मराठी अस्मिता को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया है। मुंबई में 32 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी-शिंदे गुट और शिवसेना (UBT)-महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा।

32 सीटों पर नहीं होगा वोटों का बंटवारा

मुंबई नगर निगम की 227 सीटों में से 32 सीटों पर कांग्रेस–बहुजन वंचित अघाड़ी (VBA) गठबंधन ने कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है। कांग्रेस ने अब तक मुंबई में 143 उम्मीदवार घोषित किए हैं। VBA 46 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दलों और अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। इससे 32 सीटें ऐसी रह गई हैं, जहां तीसरा मोर्चा नहीं है और मुकाबला सीधा हो गया है।

क्यों अहम है BMC चुनाव

BMC चुनाव को मुंबई की सत्ता की चाबी माना जाता है। करीब 74 हजार करोड़ रुपये के बजट वाली यह एशिया की सबसे बड़ी सिविक बॉडी है। इसका बजट गोवा, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा जैसे कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। यही वजह है कि भाजपा, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT), एकनाथ शिंदे की शिवसेना, कांग्रेस और दोनों पवार गुट इस चुनाव को अपनी साख से जोड़कर देख रहे हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

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