Wednesday, July 22, 2026

रोहिणी आचार्य का X पोस्ट बना सियासी संकेत, लालू परिवार में बढ़ी अंदरूनी कलह

बिहार : बिहार की राजनीति में एक बार फिर लालू परिवार की अंदरूनी खींचतान चर्चा में है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के हालिया सोशल मीडिया पोस्ट ने परिवार और पार्टी दोनों में हलचल मचा दी है। बिना नाम लिए किए गए इस तीखे कटाक्ष को तेजस्वी यादव और उनके करीबी नेताओं पर निशाना माना जा रहा है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावनात्मक और तीखा पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने इशारों-इशारों में कहा कि किसी विरासत को खत्म करने के लिए बाहरी लोगों की जरूरत नहीं होती, बल्कि अपने ही लोग और कुछ नए बने अपने काफी होते हैं। उन्होंने यह भी लिखा कि जब अहंकार हावी हो जाता है, तो विवेक खत्म हो जाता है और विनाश की राह खुल जाती है। रोहिणी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद RJD और लालू परिवार के भीतर तनाव की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। परिवार में बढ़ती दूरी के लिए तेजस्वी यादव के करीबी नेताओं संजय यादव और रमीज नेमत पर आरोप लगाए जा रहे हैं। इससे पहले तेजप्रताप यादव भी इन नेताओं को जयचंद बता चुके हैं।

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रोहिणी और तेजस्वी के बीच मतभेद की शुरुआत विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मानी जाती है। चुनाव प्रचार के समय पटना पहुंचीं रोहिणी तब नाराज हो गई थीं, जब उन्होंने तेजस्वी यादव की गाड़ी की फ्रंट सीट पर संजय यादव को बैठे देखा। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि फ्रंट सीट हमेशा पार्टी के शीर्ष नेता के लिए होती है और किसी और का वहां बैठना स्वीकार्य नहीं है। इस पोस्ट के बाद उन्होंने कुछ समय के लिए अपना अकाउंट प्राइवेट कर दिया और परिवार के सदस्यों को अनफॉलो कर दिया था।

इस पूरे विवाद पर तेजस्वी यादव ने तब सफाई देते हुए कहा था कि रोहिणी सिर्फ उनकी बहन नहीं, मां जैसी हैं और उन्होंने परिवार के लिए बड़ा त्याग किया है। वहीं संजय यादव ने कहा था कि फ्रंट सीट पर बैठना उनकी कार्यशैली और जिम्मेदारी का हिस्सा था, न कि शक्ति प्रदर्शन। हालांकि, चुनाव परिणाम आने के बाद रोहिणी का रुख और सख्त हो गया। उन्होंने हार की जिम्मेदारी तय करने की मांग करते हुए तेजस्वी और उनके करीबी नेताओं पर सवाल उठाए। रोहिणी ने आरोप लगाया कि राबड़ी आवास में उनके साथ बदसलूकी हुई और यहां तक कि उन पर चप्पल उठाई गई। उन्होंने संजय यादव और रमीज नेमत को सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।

एक मीडिया बयान में रोहिणी ने कहा कि उन्हें परिवार से अलग कर दिया गया है और चुनावी हार की जिम्मेदारी लेने से लोग बच रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और राजनीति से दूरी बनाने का फैसला मजबूरी में लिया गया है। इस विवाद के बीच रोहिणी के बयानों पर न तो संजय यादव और न ही रमीज नेमत की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी प्रवक्ताओं की चुप्पी भी कई सवाल खड़े कर रही है। इसी दौरान तेजस्वी यादव का परिवार के साथ विदेश यात्रा पर जाना भी सियासी चर्चाओं का विषय बना हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि रोहिणी आचार्य के सार्वजनिक आरोपों ने न केवल लालू परिवार की अंदरूनी कलह को उजागर किया है, बल्कि RJD की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद पार्टी के भविष्य और बिहार की राजनीति पर क्या असर डालेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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एयर नाऊ स्पेशल

देश का एआई हब बनने की तैयारी कर रहा...

न्यूज़ डेस्क : झारखंड. ये नाम सुनते ही दिमाग में सबसे पहले क्या आता है? कोयला, लोहे की खदानें, मिनरल्स या शायद आदिवासी संस्कृति....
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