महाराष्ट्र : महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण की एक टिप्पणी को पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के परिवार ने आपत्तिजनक बताया। बयान पर विरोध बढ़ने के बाद रवींद्र चव्हाण ने दिवंगत नेता के बेटों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए सफाई दी है। रवींद्र चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि लातूर में दिया गया उनका बयान किसी राजनीतिक मकसद से नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि उनकी टिप्पणी से विलासराव देशमुख के बेटों की भावनाएं आहत हुई हैं, तो वह इसके लिए माफी मांगते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी दिवंगत नेता की आलोचना करना नहीं था।
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क्या है पूरा मामला
दरअसल, सोमवार को लातूर में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए रवींद्र चव्हाण ने कहा था कि कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर वह पूरे विश्वास के साथ कह सकते हैं कि विलासराव देशमुख की यादें इस शहर से मिट जाएंगी। इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। विलासराव देशमुख के बड़े बेटे और कांग्रेस नेता अमित देशमुख ने इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी बाहरी व्यक्ति के कहने से उनके पिता की यादें लातूर या जनता के दिलों से नहीं मिट सकतीं।
रितेश देशमुख की प्रतिक्रिया
वहीं, छोटे बेटे और अभिनेता रितेश देशमुख ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी। रितेश देशमुख ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए कहा कि जो लोग जनता के लिए जीते हैं, उनके नाम लोगों के मन में हमेशा के लिए दर्ज रहते हैं। उन्होंने कहा कि कागज या दीवारों से नाम मिटाया जा सकता है, लेकिन दिलों से नहीं। गौरतलब है कि विलासराव देशमुख लातूर के रहने वाले थे और उन्होंने जिले के विकास में अहम भूमिका निभाई थी। वे दो बार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। लंबी बीमारी के बाद 14 अगस्त 2012 को 67 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया था।
लातूर में 15 जनवरी को नगर निकाय चुनाव होने हैं। इसी चुनावी माहौल के बीच रवींद्र चव्हाण का बयान सामने आया, जिससे विवाद और गहरा गया। विवाद बढ़ने पर उन्होंने मंगलवार को सफाई देते हुए कहा कि स्थानीय निकाय चुनावों में नागरिक सुविधाएं और विकास मुख्य मुद्दा होने चाहिए। इस पूरे मामले पर कांग्रेस पार्टी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने बयान जारी कर कहा कि लातूर से विलासराव देशमुख की यादें कोई नहीं मिटा सकता। पार्टी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के ऐसे बयान सत्ता के अहंकार को दर्शाते हैं और जनता इसका जवाब देगी।


