बिहार : बिहार में नई विधानसभा के गठन से पहले राज्य सचिवालय में मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। कैबिनेट बैठक में विधानसभा भंग करने और सरकार के इस्तीफे के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई। इसके बाद मुख्यमंत्री को आगे के निर्णय लेने के लिए अधिकृत किया गया। इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार अपने सहयोगियों और मंत्रियों, जिनमें सम्राट चौधरी सहित सभी मंत्री शामिल थे, के साथ राजभवन पहुंचे। उन्होंने राज्यपाल से सरकार और विधानसभा भंग करने की सिफारिश की। राज्यपाल ने नई व्यवस्था होने तक नीतीश कुमार को कामकाज जारी रखने को कहा है।
Highlights:
कैबिनेट की बैठक में तीन प्रस्ताव पास हुए
जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बताया कि मंत्रिपरिषद में तीन अहम प्रस्ताव पारित किए गए –
- वर्तमान विधानसभा को 19 नवंबर से भंग करने की अनुशंसा। यह अनुशंसा मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को सौंप दी है।
- बिहार के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्यकाल के दौरान सहयोग की सराहना। कैबिनेट ने मुख्य सचिव सहित सभी कर्मियों के सेवाभाव की प्रशंसा की।
- विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत पर मुख्यमंत्री को बधाई। प्रचंड बहुमत मिलने पर मंत्रिपरिषद ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की सराहना की।
20 नवंबर को नई सरकार के गठन की संभावना
राजभवन से मिली जानकारी के अनुसार, 20 नवंबर को नई सरकार का गठन होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि बिहार में नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। गांधी मैदान में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पंडाल निर्माण जारी है।
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी समारोह में शामिल होंगे।
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राजनीतिक दलों की बैठकों का दौर
बीजेपी और जदयू विधायक दल की बैठक कल होगी। उसके बाद एनडीए की संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से नेता चुना जाएगा। दूसरी ओर, चुनाव के नतीजों के बाद राजद और कांग्रेस खेमे में निराशा का माहौल है। राजद ने सभी नए विधायकों और हार चुके उम्मीदवारों को पटना तलब किया है, जहां तेजस्वी यादव उनके साथ बैठक करेंगे। बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। 20 नवंबर को शपथ ग्रहण के साथ नई सरकार औपचारिक रूप से कामकाज संभालेगी।


