Saturday, October 31, 2026

जामताड़ा में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही उजागर, गांधी मैदान में हजारों खून जांच की शीशियां फेंकी मिलीं

जामताड़ा : झारखंड के जामताड़ा जिले में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शहर के गांधी मैदान में हजारों ब्लड जांच की शीशियां खुले में फेंकी हुई मिली हैं, जिनमें खून के अंश मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। इससे संक्रमण फैलने का गंभीर खतरा बन गया है और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।

सार्वजनिक स्थल पर मेडिकल वेस्ट मिलने से हड़कंप

गांधी मैदान जामताड़ा का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग टहलने, व्यायाम और खेलकूद के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में खुले में पड़े खून जांच के सैंपल और शीशियां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। खून जैसे जैविक अपशिष्ट को खुले में फेंकना न केवल स्वास्थ्य नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों के जीवन से खिलवाड़ भी है।

लोगों में नाराजगी, कार्रवाई की मांग

घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है। कई लोगों ने जिला प्रशासन से तुरंत सफाई करवाने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई नहीं हुई, तो संक्रमण फैलने का खतरा और बढ़ जाएगा।

सिविल सर्जन ने माना नियमों का उल्लंघन

इस मामले पर जामताड़ा के सिविल सर्जन डॉ. आनंद मोहन सोरेन ने कहा कि, मेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकना नियमों का गंभीर उल्लंघन है। इसकी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि ब्लड वेस्ट मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है और रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने लगाया साजिश का आरोप

वहीं, इस घटना पर जामताड़ा विधायक डॉ. इरफान अंसारी ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र बताया। उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह गलत है। मुझे लगता है कि यह भाजपा की साजिश हो सकती है, ताकि मुझे और मेरे क्षेत्र को बदनाम किया जा सके।” उन्होंने कहा कि वे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए लगातार प्रयासरत हैं और इस तरह की हरकतें क्षेत्र की छवि धूमिल करने की कोशिश हैं।

स्वास्थ्य विभाग पर पहले से सवाल

यह पहली बार नहीं है जब स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। हाल ही में चाईबासा में थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाए जाने का मामला सामने आया था, जिसने पूरे राज्य को झकझोर दिया था।अब जामताड़ा की यह घटना विभागीय लापरवाही को फिर से उजागर कर रही है। साथ ही इसने राजनीतिक विवाद को भी जन्म दे दिया है।

जांच के आदेश

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। नगर परिषद और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर गांधी मैदान की सफाई और कचरा निस्तारण में जुटी हैं। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि ब्लड जांच की शीशियां किस अस्पताल या प्रयोगशाला से यहां फेंकी गईं, और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की सख्त व्यवस्था की जाए।

 

एयर नाऊ स्पेशल

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