बिहार : बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है. इसमें किसानों, युवाओं, अल्पसंख्यकों और आरक्षण को लेकर वादे किए गए हैं. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र में अल्पसंख्यकों के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का वादा किया है. इसके साथ ही किसानों को एमएसपी की गारंटी और आरक्षण में बढ़ोतरी का वादा भी किया गया है. महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र के जरिए वादा करते हुए कहा है कि सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर एक अधिनियम बनाया जाएगा, जिसमें राज्य के हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान होगा.
महागठबंधन ने किए ये वादे:
– 50 प्रतिशत आरक्षण सीमा को जनसंख्या के अनुपात में बढ़ाने के लिए क़ानून
– पंचायती और नगरीय निकायों में आरक्षण बढ़ाया जाएगा
– हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
पुरानी पेंशन योजना लागू होगी
‘माई-बहिन मान योजना’ के तहत महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता
हर परिवार को 200 यूनिट मुफ़्त बिजली
वक़्फ़ संशोधन विधेयक को रोका जाएगा और वक़्फ़ संपत्तियों के प्रबंधन को पारदर्शी बनाया जाएगा
– बौद्ध गया स्थित बौद्ध मंदिरों का प्रबंधन बौद्ध समुदाय को सौंपा जाएगा
- – किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी
– जन स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत 25 लाख रुपये तक का मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा
नीतीश कुमार ‘एनडीए का पुतला’
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ‘पुतला’ बताया है. उन्होंने यह टिप्पणी महागठबंधन के घोषणा पत्र जारी करने के दौरान की. तेजस्वी यादव ने कहा, “बीजेपी के लोगों और भ्रष्ट अधिकारियों ने नीतीश जी को पुतला बनाकर रखा है. आज हम सब लोग उनकी स्थिति को देख रहे हैं. केवल उनके चेहरे का इस्तेमाल किया जा रहा है. जैसे पुतला होता है, उसी हिसाब से उन्हें एनडीए में रखा गया है.
उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार जी बिहार के मुख्यमंत्री नहीं होंगे. ये बात अमित शाह जी ने कही है. भाजपा के लोग नीतीश जी का इस्तेमाल कर रहे हैं. चुनाव के बाद वे कभी भी नीतीश जी को मुख्यमंत्री नहीं बनाएंगे.” तेजस्वी यादव का कहना है कि महागठबंधन ने आधिकारिक तौर पर मुख्यमंत्री चेहरे की घोषणा की है, लेकिन एनडीए की तरफ़ से अब तक कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.


