पलामू: झारखंड के पलामू जिले में पिछले साल नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में बरामद किए गए सांप के जहर के मामले में जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की संयुक्त छापेमारी में जब्त किए गए 1200 ग्राम सांप के जहर को जांच के लिए वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून भेज दिया गया है।
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जांच से होंगे बड़े खुलासे
वन विभाग के अनुसार, लैब जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह जहर किस प्रजाति के सांप का है, उसकी घातक क्षमता कितनी है और जहर कितना पुराना है। इससे इस अवैध तस्करी नेटवर्क की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन को समझने में मदद मिलेगी। जब यह जहर बरामद हुआ था, उस समय जांच एजेंसियों ने बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 80 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। यह अब तक पलामू क्षेत्र में सांप के जहर की पहली और सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
पेंगोलिन का स्कल भी मिला
छापेमारी के दौरान सांप के जहर के साथ-साथ पेंगोलिन (सालक) का स्कल भी बरामद किया गया था, जिससे यह साफ हुआ कि मामला सिर्फ जहर तस्करी तक सीमित नहीं, बल्कि वन्यजीव अपराधों के बड़े नेटवर्क से जुड़ा है। हरिहरगंज से बिहार तक फैला था नेटवर्क नवंबर 2025 के अंतिम सप्ताह में WCCB और वन विभाग की टीम ने पलामू के हरिहरगंज और बिहार के औरंगाबाद जिले के देव इलाके में छापेमारी की थी। इसी कार्रवाई में जहर बरामद हुआ और 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस कंटेनर में जहर रखा गया था, उस पर फ्रांस की एक कंपनी का लोगो लगा हुआ था। इससे इस तस्करी नेटवर्क के फ्रांस से जुड़े होने की आशंका और मजबूत हुई है।
स्थानीय स्तर पर जहर का संग्रह
वन विभाग की अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि सांप का जहर स्थानीय स्तर पर ही इकट्ठा किया गया था। इसका नेटवर्क झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के इलाकों तक फैला हुआ है। इसी कड़ी में कई स्थानों पर आगे भी छापेमारी की जा रही है। पलामू के डीएफओ सत्यम कुमार ने बताया कि जहर को वैज्ञानिक जांच के लिए देहरादून भेजा गया है और मामले की गहन जांच जारी है। वहीं, सांप के जहर से जुड़े इस पूरे मामले की जांच नवनीत कर रहे हैं। वन विभाग का कहना है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस अवैध तस्करी से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल एजेंसियां नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही हैं।


