रांची : रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण हत्याकांड में शामिल दो दोषियों को अपर न्यायायुक्त कुलदीप की कोर्ट ने मंगलवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई. महज 15 महीने में आए इस फैसले से पहले बीते मंगलवार 11 नवंबर को सिविल कोर्ट ने इस केस में रोशन मुंडा और संदीप कालिंदी को दोषी करार दिया था जबकि एक अन्य आरोपी खेमलाल कालिंदी को बरी कर दिया था.
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बता दें कि सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के मधुकम में रांची सिविल कोर्ट के अधिवक्ता गोपाल कृष्ण की बीते साल 2 अगस्त को 2024 को सनसनीखेज ढंग से चाकू मारकर हत्या कर दी गयी थी. घटना के तीन दिनों बाद यानी 5 अगस्त को रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में तीनों रोशन मुंडा, खेमपाल कालिंदी और संदीप कालिंदी को गिरफ्तार किया था. उसके बाद से तीनों जेल में रहकर मामले में ट्रायल फेस कर रहे थे.
मामूली विवाद में हुई थी हत्या
पूछताछ के क्रम में मुख्य आरोपी रोशन ने पुलिस को बताया था कि घटना के दिन जब अधिवक्ता पूजा करने के लिए मंदिर जा रहे थे, तो इस दौरान वह अधिवक्ता से टकरा गया और उनका पूजा का सामान गिर गया. इसके बाद अधिवक्ता ने उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी. इससे नाराज होकर गुस्से में उसने कुछ ही देर बाद अधिवक्ता की उसके घर के सामने ही चाकू मारकर हत्या कर दी. जबकि संदीप कालिंदी ने कहा कि अधिवक्ता के द्वारा मेरा केस लड़ने के लिए ज्यादा पैसा मांगा जा रहा था, इसे लेकर भी विवाद हुआ था. जिसके बाद उसकी हत्या कर दी. रिम्स में मृत अधिवक्ता के सिर से चाकू निकाला गया था.
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वकीलों में था काफी आक्रोश
इस घटना को लेकर जिले के वकील आक्रोशित हुए थे। घटना को लेकर मृतक की पत्नी अनिमा देवी ने सुखदेव नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. इस फैसले पर जिला बार एसोसिएशन के महासचिव संजय कुमार विद्रोही ने कहा कि परिवार को न्याय मिला है। दोषी पाए गए अभियुक्तों को अधिकतम से अधिकतम सजा (मौत की सजा) की मांग करते हैं, हालांकि कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई. इस फैसले से अधिवक्ताओं की एकजुटता नजर आई है.


