बिहार: बिहार में स्टेट हाईवे और बड़े पुलों पर टोल टैक्स लगाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने करीब 50 स्टेट हाईवे और 45 बड़े पुलों का सर्वे पूरा कर लिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, इन रास्तों से गुजरने वाली गाड़ियों की आवाजाही का करीब सात दिनों तक डेटा जुटाया गया है और इसी डेटा के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किन सड़कों और पुलों पर टोल टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि, सर्वे किए गए सभी 95 स्थानों पर टोल लगना तय नहीं है। राज्य सरकार के मुताबिक जिन रास्तों पर ट्रैफिक ज्यादा होगा, उन्हें टोल वसूली के लिए चुना जाएगा।
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राज्य सरकार की योजना के मुताबिक निजी कार, बाइक और दूसरे निजी वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 7 जुलाई 2026 को ही घोषणा कर दी थी कि स्टेट हाइवै और बड़े पुलों पर निजी वाहनों से टोल नहीं लिया जाएगा। और प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट के सामने मंजूरी के लिए रखा जा सकता है।
राज्या सरकार के अनुसार दो लेन से अधिक और चार लेन से कम चौड़ी सड़क पर निर्धारित दर का 60 प्रतिशत, जबकि चार लेन या उससे अधिक चौड़ी सड़क पर पूरी दर यानी 100 प्रतिशत टोल टैक्स लिया जाएगा। 5.5 मीटर चौड़ी मध्यवर्ती लेन वाली सड़क पर 50 प्रतिशत दर लागू लिया जाएगा।
पुलों के मामले में गौर करने वाली बात यह होगी कि पुल की लंबाई को दस गुना प्रभाव के साथ टोल निर्धारण में जोड़ा जाएगा। 45 किलोमीटर सड़क और 5 किलोमीटर पुल वाले मार्ग की प्रभावी लंबाई 95 किलोमीटर मानी जाएगी। फिलहाल रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है, कौन-सी सड़क पर कितना टोल टैक्स लगेगा, और कितनी दर होगी और सरकार को इससे कितना राजस्व मिलेगा, यह आने वाले दिनों ही में पता चल पाएगा।


