कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के 4 मई को आए चुनाव परिणाम के बाद राज्य में पहली बार बनी बीजेपी शासन में अब नजरें 21 मई को होने वाले फाल्टा विधानसभा सीट पर दोबारा मतदान पर टिकी है. दरअसल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद 2 मई को 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया था लेकिन हिंसा की घटनाओं के बाद इसे रद्द करते हुए चुनाव आयोग ने 21 मई को सभी 285 मतदान केंद्रों पर चुनाव कराने का ऐलान किया था। वहीं मतगणना 24 मई को होगी।
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जहांगीर का निजी फैसला, पार्टी का नहीं
फाल्टा विधानसभा सीट टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ख़ान की वजह से चर्चा में थी और अब उन्हीं की वजह से इस सीट पर दोबारा होने जा रहा मतदान भी चर्चा में है. टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर ख़ान ने घोषणा की है कि उन्होंने ख़ुद को चुनावी प्रक्रिया से अलग कर लिया है. उन्होंने पत्रकारों से कहा, “मैं फाल्टा का बेटा हूं और मैं चाहता हूं कि फाल्टा में शांति हो और वो विकास करे.”
इसके साथ ही उन्होंने नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की तारीफ़ करते हुए कहा, “हमारे मुख्यमंत्री फाल्टा के विकास के लिए एक ख़ास पैकेज दे रहे हैं, जिस वजह से मैं ख़ुद को विधानसभा क्षेत्र में दोबारा होने वाले मतदान से अलग कर रहा हूं.” वहीं जहांगीर ख़ान के पीछे हटने पर टीएमसी ने कहा है कि यह उनका निजी फ़ैसला है, यह पार्टी का फ़ैसला नहीं है.
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उनकी इस घोषणा पर राज्य के नए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि जहांगीर ख़ान भाग गए हैं क्योंकि उन्हें कोई पोलिंग एजेंट नहीं मिल रहा है. फाल्टा सीट पर जहांगीर ख़ान का मुक़ाबला बीजेपी के देबांग्शु पांडा और कांग्रेस के अब्दुर रज़्ज़ाक मोल्ला से है. सीपीआई (एम) के संभू नाथ कुर्मी भी चुनावी मैदान में हैं.


