Saturday, June 13, 2026

हाईकोर्ट ने दिया झारखंड पुलिस मुख्यालय को धनबाद में ट्रांसफर 54 पुलिसकर्मियों को फिर से लौटने का आदेश

रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने पुलिस विभाग में प्रशासनिक दृष्टिकोण के नाम पर किए जा रहे तबादलों पर सख्त टिप्पणी करते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने धनबाद जिला बल से राज्य के अलग-अलग जिलों में भेजे गए 54 पुलिसकर्मियों के तबादले को अवैध मानते हुए रद्द कर दिया। साथ ही पुलिस मुख्यालय को आदेश दिया कि सभी पुलिसकर्मियों को दोबारा धनबाद जिला बल में योगदान दिलाया जाए।

मामला क्या है?

यह मामला W.P (S) No. 1781 of 2025 से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, तत्कालीन एसएसपी धनबाद और तत्कालीन डीजीपी के आदेश पर 54 पुलिसकर्मियों का तबादला प्रशासनिक दृष्टिकोण का हवाला देकर दूसरे जिलों में कर दिया गया था। प्रभावित पुलिसकर्मियों का कहना था कि तबादला प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया और बिना उचित कारण उन्हें हटाया गया। पुलिसकर्मियों ने पहले विभागीय स्तर पर अपनी शिकायत रखी, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्हें मजबूरी में नए जिलों में जाकर योगदान देना पड़ा। बाद में न्याय की मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

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हाईकोर्ट ने क्या कहा

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने माना कि तबादलों में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। अदालत ने कहा कि केवल प्रशासनिक दृष्टिकोण का हवाला देकर किसी कर्मचारी का तबादला नहीं किया जा सकता, जब तक उसके पीछे स्पष्ट और वैध कारण न हों। कोर्ट ने पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश ज्ञापांक 238/पी0 दिनांक 24 फरवरी 2025 को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।

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पुलिस मुख्यालय को निर्देश

अदालत ने झारखंड पुलिस मुख्यालय को निर्देश दिया कि सभी 54 पुलिसकर्मियों को फिर से धनबाद जिला बल में पदस्थापित किया जाए और उनका योगदान सुनिश्चित कराया जाए। इस फैसले का स्वागत करते हुए झारखंड पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने कहा कि यह धैर्य और न्याय की जीत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से प्रशासनिक आधार पर किए जा रहे तबादलों में नियमों की अनदेखी हो रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार पुलिस मैनुअल के प्रावधानों को दरकिनार कर पसंद और नापसंद के आधार पर तबादले किए जाते हैं। इसका असर पुलिसकर्मियों के मनोबल और उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ता है।

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