Tuesday, July 28, 2026

केंद्र सरकार ने 30 सितंबर तक चीनी के निर्यात लगाई रोक

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर तुरंत प्रभाव से चीनी के निर्यात पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 30 सितंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक लागू रहेगा। सरकार के इस फैसले में रॉ शुगर, व्हाइट शुगर और रिफाइंड शुगर तीनों को शामिल किया गया है।

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घरेलू बाजार में बढ़ती कीमत

सरकार का यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब देश के कई हिस्सों में चीनी की कीमतों पर दबाव बढ़ रहा है। माना जा रहा है कि निर्यात पर रोक लगाने से घरेलू बाजार में चीनी की सप्लाई बेहतर बनी रहेगी और कीमतों को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। सरकार नहीं चाहती कि त्योहारों और बढ़ती मांग के समय बाजार में चीनी की कमी हो।

कुछ निर्यात श्रेणियों को दी गई छूट

सरकार ने अपने आदेश में कुछ विशेष श्रेणियों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा है। यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिका (USA) को CXL और TRQ कोटे के तहत होने वाले निर्यात पर रोक लागू नहीं होगी। इसके अलावा एडवांस ऑथराइजेशन स्कीम (AAS) के तहत होने वाले निर्यात और अन्य देशों की खाद्य सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार-से-सरकार समझौते के तहत भेजी जाने वाली चीनी को भी छूट दी गई है। जो खेप पहले से निर्यात प्रक्रिया में हैं, उन्हें भी इस फैसले से बाहर रखा गया है।

उत्पादन घटने की आशंका बनी वजह

भारत दुनिया में ब्राजील के बाद दूसरा सबसे बड़ा चीनी निर्यातक देश है। पहले सरकार ने चीनी मिलों को 15 लाख मीट्रिक टन चीनी निर्यात करने की अनुमति दी थी, क्योंकि उस समय घरेलू जरूरत से ज्यादा उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही थी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कमजोर पैदावार की वजह से चीनी उत्पादन लगातार दूसरे साल खपत से कम रहने की आशंका है।

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किसानों और उद्योग पर भी पड़ेगा असर

सरकार के इस फैसले का असर चीनी उद्योग और गन्ना किसानों पर भी देखने को मिल सकता है। निर्यात रुकने से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी, लेकिन मिलों की कमाई पर असर पड़ सकता है। वहीं सरकार का मानना है कि उपभोक्ताओं को महंगी चीनी से राहत दिलाने के लिए यह कदम जरूरी है।

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एयर नाऊ स्पेशल

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