गिरिडीह: झारखंड सरकार के मंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन से पूरा झारखंड शोक में डूबा है। रविवार को गिरिडीह में उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अंतिम विदाई के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भावुक हो गए।
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हेमंत सोरेन ने कहा कि आज सरकार के लिए बेहद दुखद घड़ी है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। शनिवार देर रात उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया और रातभर उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन हार्ट अटैक बेहद गंभीर था। अंततः चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू की झारखंड मुक्ति मोर्चा में लंबी राजनीतिक यात्रा रही। बचपन से ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनका योगदान रहा। मंत्रिमंडल के सदस्य के रूप में भी वे बेहद सक्रिय रहे और हर विषय का गंभीरता से अध्ययन कर उसके समाधान की दिशा में काम करते थे। उन्होंने कहा, “अभी भी हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि सुदिव्य सोनू हमारे बीच नहीं हैं। यह घटना हमारे लिए बेहद अविश्वसनीय है। लेकिन विधि के विधान के सामने इंसान का बहुत वश नहीं चलता।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि सुदिव्य सोनू की अंतिम यात्रा में मंत्रिमंडल के लगभग सभी सदस्य, विधायक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह उनके प्रति लोगों के गहरे जुड़ाव और सम्मान को दर्शाता है।
‘परिवार के हर सुख-दुख में सरकार साथ रहेगी’
सुदिव्य सोनू के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के लिए क्या मांगूं, यह कहना भी मुश्किल है। उन्होंने ईश्वर से स्वयं को, सरकार और पूरे परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदिव्य सोनू की कमी को पूरा कर पाना आसान नहीं होगा। क्षेत्र के लोगों के साथ उनका जिस तरह का लगाव और जुड़ाव था, वह सभी जानते हैं। उन्होंने कहा, “जीवन चक्र में कब क्या और किसके साथ हो जाए, कहना बहुत मुश्किल है। लेकिन आज इनके पूरे परिवार के साथ मैं और मेरी सरकार खड़ी है। इनके हर सुख-दुख में एक सहारे के रूप में हमलोग सदैव साथ रहेंगे।”


