लखनऊ : अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही एसआईटी की तीन सदस्यीय टीम ने मंगलवार को अपर मुख्य सचिव (गृह और मुख्यमंत्री) संजय प्रसाद को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी है. बताया जा रहा है कि इस मामले की पूरी जांच और अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में एक सप्ताह से लेकर दस दिनों तक का समय और लग सकता है.
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मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी में लखनऊ कमिश्नर विजय विश्वास पंत के अलावा लखनऊ रेंज के आईजी किरण एस और 2008 बैच के आईपीएस ऑफ़िसर नीलरतन कुमार भी शामिल हैं. अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले कुछ दिनों से चर्चा में है. एसआईटी की जारी जांच के बीच भी हर दिन नए दावे और आरोप सामने आ रहे हैं.
दरअसल, यह पूरा मामला तब चर्चा में आया जब बीती 7 जून को समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक्स पर राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े करोड़ों रुपये ग़ायब होने का आरोप लगाया था. मामला तूल पकड़ता देख उत्तर प्रदेश सरकार ने राम मंदिर में चंदा विवाद की जांच के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया. राज्य सरकार के मुताबिक़, एसआईटी गठित करने की अनुशंसा ख़ुद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने की थी.
यह वही ट्रस्ट है जिसका गठन साल 2019 में राम मंदिर से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फ़ैसले के बाद केंद्र सरकार ने किया था. ट्रस्ट को राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई थी. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस पर लग रहे इन आरोपों को ख़ारिज किया है, वहीं एसआईटी इन सभी आरोपों और कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है.




