झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां और दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पत्नी (Shibu Soren Wife) रूपी सोरेन के निधन के बाद रांची के मोरहाबादी स्थित सोरेन आवास पर अंतिम दर्शन के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। गुरुवार सुबह झारखंड सरकार की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह भी मोरहाबादी स्थित आवास पहुंचीं। उन्होंने रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन किए और पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
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इसके अलावा आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो भी शिबू सोरेन के आवास पहुंचे। उन्होंने रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना जताई। Shibu Soren Wife के निधन की खबर के बाद से ही मोरहाबादी में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों का पहुंचना लगातार जारी है।
परिवार के सदस्यों के अलावा झारखंड की राजनीति से जुड़े कई नेता, कार्यकर्ता और समर्थक भी अंतिम दर्शन के लिए सोरेन आवास पहुंच रहे हैं। रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर बुधवार देर रात मोरहाबादी स्थित आवास लाया गया था। इसके बाद लोगों को उनके अंतिम दर्शन का अवसर दिया गया। गुरुवार सुबह तक श्रद्धांजलि देने वालों का सिलसिला जारी रहा। रूपी सोरेन की पहचान झारखंड आंदोलन से जुड़े सोरेन परिवार के साथ लंबे समय से रही है।
अस्पताल में चल रहा था इलाज
रूपी सोरेन का बुधवार, 7 अक्टूबर की रात रांची के बरियातू स्थित हिल व्यू अस्पताल में निधन हुआ। वह कुछ समय से अस्वस्थ थीं। सांस लेने में परेशानी के बाद उन्हें 18 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को उनकी तबीयत अचानक ज्यादा बिगड़ गई थी। स्थिति गंभीर होने के बाद चिकित्सकों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही थी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अस्पताल पहुंचे थे और डॉक्टरों से उनकी स्थिति की जानकारी ली थी।
मां की तबीयत बिगड़ने के चलते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को अपने कई निर्धारित कार्यक्रम स्थगित कर दिए थे। कैबिनेट की बैठक भी टाल दी गई थी। शाम के बाद रूपी सोरेन के निधन की खबर सामने आई, जिसके बाद सोरेन परिवार, झामुमो कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक की लहर फैल गई। Shibu Soren Wife के निधन की खबर के बाद झारखंड की राजनीति से जुड़े कई नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया।
शिबू सोरेन के संघर्ष में साथ रहीं
रूपी सोरेन को सिर्फ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां या Shibu Soren Wife के तौर पर ही नहीं, बल्कि झारखंड आंदोलन के लंबे दौर को करीब से देखने वाली महिला के रूप में भी याद किया जा रहा है। शिबू सोरेन जब अलग झारखंड राज्य के आंदोलन को आगे बढ़ा रहे थे, उस दौरान परिवार की जिम्मेदारियों को संभालने में रूपी सोरेन की अहम भूमिका रही। संघर्ष के उस दौर में परिवार के साथ खड़े रहना उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
शिबू सोरेन के निधन के बाद भी रूपी सोरेन परिवार के लिए एक मजबूत आधार बनी रहीं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मां के निधन के बाद उन्हें अपनी सबसे बड़ी छांव बताया। उन्होंने अपने भावुक संदेश में पिता शिबू सोरेन को याद करते हुए कहा कि बाबा के बाद मां ही उनकी सबसे बड़ी छांव थीं। मां के निधन के बाद हेमंत सोरेन ने उनके स्नेह और आशीर्वाद को याद किया।
रूपी सोरेन का राजनीतिक जुड़ाव भी रहा था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उन्होंने 1999 में अविभाजित बिहार के दौर में दुमका लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था। हालांकि वह चुनाव जीत नहीं सकीं। इसके बावजूद सोरेन परिवार और झारखंड के सामाजिक-राजनीतिक जीवन में उनकी मौजूदगी बनी रही।
आज नेमरा में होगी अंतिम विदाई
मोरहाबादी में अंतिम दर्शन के बाद रूपी सोरेन का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव नेमरा ले जाया जाएगा। रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में स्थित नेमरा सोरेन परिवार के लिए खास महत्व रखता है। यहीं रूपी सोरेन को अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके अंतिम संस्कार को लेकर प्रशासन की ओर से भी तैयारियां की गई हैं।
ताजा जानकारी के मुताबिक पार्थिव शरीर को नेमरा ले जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। बड़ी संख्या में लोगों के वहां पहुंचने की संभावना है। आम लोगों, परिवार के सदस्यों, राजनीतिक नेताओं और समर्थकों के अंतिम दर्शन के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। Shibu Soren Wife रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने की तैयारी है। अंतिम संस्कार नाड़ी दरहा घाट पर होने की जानकारी सामने आई है।
नेमरा में अंतिम विदाई को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। सोरेन परिवार के समर्थकों के अलावा झारखंड के अलग-अलग हिस्सों से लोग वहां पहुंच सकते हैं। Shibu Soren Wife के निधन के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए उमड़ रही भीड़ इस बात का संकेत है कि रूपी सोरेन का जुड़ाव सिर्फ एक राजनीतिक परिवार तक सीमित नहीं था।
रूपी सोरेन के निधन ने सोरेन परिवार को एक बार फिर गहरे शोक में डाल दिया है। करीब एक साल पहले ही परिवार ने शिबू सोरेन को खोया था। अब उनकी पत्नी के निधन के बाद परिवार से जुड़ी एक और अहम कड़ी टूट गई है। मोरहाबादी से लेकर नेमरा तक उन्हें अंतिम विदाई देने वालों का जुटना इसी भावनात्मक जुड़ाव की तस्वीर दिखा रहा है। Shibu Soren Wife रूपी सोरेन की अंतिम विदाई आज नेमरा में होगी, जहां परिवार और समर्थक उन्हें आखिरी श्रद्धांजलि देंगे।


