न्यूज डेस्क: झारखंड में लगातार आमजन को भीषण गर्मी का अहसास हो रहा है वहीं आज मौसम में बदलाव होगा. मौसम विभाग के अनुसार, रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में 25-28 अप्रैल तक मेघगर्जन के साथ आंधी- बारिश की संभावना है. वहीं कुछ इलाकों में ओले गिर सकते है.
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25-28 अप्रैल को आंधी- बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बदलाव के बाद भी आमजन को गर्मी से कोई खास राहत नहीं है, लोग उमस से काफी परेशान है. रांची का अधिकतम तापमान 39 डिग्री और न्यूनतम 24-25 डिग्री तक रहेगा. शनिवार को संताल, कोल्हान, उत्तरी और दक्षिण छोटानागपुर में आंधी और वज्रपात की चेतावनी दी गई है. इसके साथ ही 40-50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवा चलेगी. राज्य के अन्य हिस्सों में ये स्थिति 30 अप्रैल तक बनी रहेगी.
लू की चेतावनी जारी
विभाग ने लू को लेकर चेतावनी जारी की है जिसे लेकर उपायुक्त ने कहा कि विभाग के सभी चिकित्सकों संस्थानों को अलर्ट और पारामेडिकल स्टॉफ को तैयार रहने का निर्देश दिया जाए. वहीं जिला के अस्पतालों में इमरजेंसी हीट स्ट्रोक यूनिट स्थापित कर गंभीर रुप से बीमार लोगों का तत्काल इलाज करें. जिले में लोगों के नि:शुल्क ओआरएस और हाइड्रेशन पैक देने के लिए वितरण केन्द्रों की स्थापना किया जाए. इसके साथ ही एम्बुलेंस चालक और पैरामेडिक्स को थर्मल इमरजेंसी रिस्पॉन्स हेतु प्रशिक्षित किया जाए.
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जिलों में हीट एक्शन प्लान तैयार
भीषण गर्मी को लेकर बचाव, रोकथाम, निगरानी, और अपचार को लेकर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड के अभियान निदेशक राशि प्रकाश झा ने सभी जिलों को एडवायजरी जारी की है. इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज, सिविल सर्जन और जिला अस्पताल के उपाधीक्षकों को अस्पताल को आग से बताने का निर्देश दिया है. चेतावनी के अनुसार, राज्य में तापमान सामान्य से काफी अधिक बढ़ सकता है, जो सीधे लोगों के जीवन को प्रभावित करेगा.
जिस पर विशेष ध्यान रखते हुए उपायुक्तों को आदेश दिया गया है कि वे अपने जिलों में हीट एक्शन प्लान लागू करने की तैयारी करें. वहीं स्वास्थ्य विभाग सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां, ओआरएस, आईवी फ्लूड और कूलिंग सुविधाएं उपलब्ध करेगी. डॉक्टर, नर्स व अन्य कर्मियों को हीट स्ट्रोफ के इलाज के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है.
लू से बचने की तैयारियां पूरी करें
गर्भवती महिलाएं, हृदय रोगियों, मधुमेह रोगियों, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त मरीजों और कुपोषित बच्चों पर विशेष निगरानी रखी जाए, क्योंकि वे हीट स्ट्रोक के प्रति अधिक संवेदनशील होते है. सभी 108 एम्बुलेंस को आदेश दिया गया है कि वे हीटवेव आपात स्थिति में कोल्ड पैक, आईस पैक, टॉवेज और हाइड्रोजन सपोर्ट तैयार रखे. वहीं शहरी और ग्रामीण स्वास्थ्य केन्द्रों में हीट हेल्थ डेस्क स्थापित करें, जिससे आमजन लू से बच सके और उचार से जुड़ी सभी विशेष जानकारी प्राप्त कर सकें.


