नई दिल्ली : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी बुधवार को नीट पेपर लीक मामले में एक आंदोलन की शुरुआत करने कोटा आ रहे हैं. वो कोटा में नीट स्टूडेंट्स से संवाद भी करेंगे. इस कार्यक्रम से जुड़े होर्डिंग्स कोटा में लगाए गए थे. लेकिन कोटा प्रशासन ने यह होर्डिंग्स मंगलवार को हटवा दिए. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
Highlights:
इसे भी पढ़ें: अंगदान कई व्यक्तियों के जीवन की नई शुरूआत, जागरूकता एवं सामाजिक सहभागिता आवश्यक : हेमन्त सोरेन
बीजेपी सरकार पर आरोप
कांग्रेस ने इस मामले में प्रदेश की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाए हैं. राहुल गांधी के होर्डिंग्स हटाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बयान जारी किया है. अशोक गहलोत ने कहा है, “कोटा में प्रशासन की ओर से कार्यक्रम के होर्डिंग हटाए जा रहे हैं. भाजपा के कार्यक्रमों के होर्डिंग लगते हैं तब यह प्रशासन पूरा सहयोग देता है. कांग्रेस के कार्यक्रम के होर्डिंग हटाना घबराई हुई भाजपा का राजनीतिक षड्यंत्र है.”
उन्होंने कहा, “पहले कोचिंग संस्थानों को धमकियां, फिर छात्रों पर दबाव और अब होर्डिंग हटाना… भाजपा इतनी भयभीत क्यों है?” उन्होंने कहा है कि, “छात्रों की आवाज़ होर्डिंग हटाने से नहीं दबेगी. इस तानाशाही के कारण ही कल 17 जून को कोटा में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि स्थानीय प्रशासन दबाव में आकर राहुल गांधी के पोस्टर हटवा रहा है. उन्होंने कहा, “भाजपा राहुल गांधी की ट्रेन भी लेट करवा सकती है, इसलिए हमने चार्टर की भी व्यवस्था की है. हमने प्लान-बी भी तैयार रखा है.”
बीजेपी ने आरोपों पर कहा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कोटा में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा है, “कांग्रेस के राजकुमार राजनीतिक पर्यटन के लिए कोटा आ रहे है. इस कार्यक्रम के लिए शिक्षा नगरी के रूप में प्रचलित कोटा को बदनामी का दंश देने का षड्यंत्र है. पेपर लीक का कनेक्शन महाराष्ट्र से है, कोटा में कार्यक्रम करने की क्या जरूरत है?”
प्रदेश सरकार में मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व सीएम गहलोत के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कोटा से कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल हर कोचिंग में जाकर दबाव बना रहे हैं कि बच्चा संवाद में आए.”




