हरदोई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के सबसे लंबे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन लोकार्पण किया। हरदोई के मल्लावां में आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री ने 36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जनता को समर्पित किया। गंगा एक्सप्रेस-वे को उत्तर प्रदेश के विकास के लिए एक बड़ी परियोजना माना जा रहा है। यह एक्सप्रेस-वे राज्य के 12 जिलों और 519 गांवों को आपस में जोड़ने का काम करेगा। इसके साथ ही यह प्रदेश में व्यापार, उद्योग और परिवहन व्यवस्था को नई गति देगा।
Highlights:
यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
सरकार के अनुसार, गंगा एक्सप्रेस-वे के किनारे 12 औद्योगिक गलियारों यानी इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को एक छोर से दूसरे छोर तक बेहतर तरीके से जोड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे दिल्ली-एनसीआर से जुड़े क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलेगी।
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किसानों को मिलेगा बड़ा लाभ
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने किसानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पाता था, लेकिन अब सरकार लगातार ऐसी योजनाएं ला रही है जिससे किसानों को फायदा हो। उन्होंने कहा कि गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से किसानों को कम समय में बड़े बाजारों तक पहुंचने में आसानी होगी। इससे कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंच सकेंगे और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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परिवहन और व्यापार होगा आसान
गंगा एक्सप्रेस-वे बनने से राज्य में परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी। लंबी दूरी की यात्रा कम समय में पूरी हो सकेगी। इससे माल ढुलाई की लागत भी कम होगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश के विकास की नई पहचान बनेगा। यह परियोजना न केवल सड़क संपर्क को बेहतर करेगी, बल्कि औद्योगिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।


