नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय मलेशिया दौरे पर राजधानी कुआलालंपुर पहुंचे. यहां प्रधानमंत्री ने भारतीय समुदाय को संबोधित किया है. पीएम मोदी ने कहा, “पहले भारत को सिर्फ एक बड़े बाज़ार के तौर पर देखा जाता था. अब हम निवेश और व्यापार का हब हैं. भारत को विकास के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर देखा जाता है. चाहे वह ब्रिटेन हो, संयुक्त अरब अमीरात हो, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, ओमान, यूरोपीय यूनियन या अमेरिका हो. कई देशों के भारत के साथ ट्रेड डील हैं.”
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इससे पहले मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बीएन रेड्डी के मुताबिक़, “प्रधानमंत्री की इस यात्रा का प्रमुख मक़सद व्यापार, निवेश और आर्थिक सहयोग पर विशेष ध्यान देना है. दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 20 अरब डॉलर पहुंच चुका है.” उन्होंने कहा, “यात्रा के एजेंडे में 10वां भारत-मलेशिया सीईओ फ़ोरम, सीईसीए की समीक्षा और आसियान-भारत फ़्री ट्रेड एग्रीमेंट में हुई प्रगति पर चर्चा शामिल है.”
कुआलालंपुर में भारतीय उच्चायोग के मुताबिक़, मलेशिया में भारतीय मूल के क़रीब 30 लाख लोग हैं. यह मलेशिया की आबादी का क़रीब 9% है. इनमें क़रीब 20 लाख मलेशियाई तमिल भाषा बोलते हैं. जबकि भारतीय मूल के काफ़ी लोग तेलुगु, मलयालम और पंजाबी भाषा भी बोलते हैं. यहाँ गुजराती, बंगाली और उर्दू बोलने वाले भारतीय मूल के लोग भी मौजूद हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर लिखा
इससे पहले मलेशिया रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, “अपने मित्र प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के निमंत्रण पर मैं मलेशिया की यात्रा पर जा रहा हूं… मलेशिया ऐसा देश है, जिसके साथ भारत के गहरे और व्यापक संबंध रहे हैं… मलेशिया में बड़ी और सक्रिय भारतीय प्रवासी आबादी रहती है.”
उन्होंने लिखा, “मलेशिया में भारतीय मूल के 30 लाख लोग रहते हैं, जो कि दुनिया में भारतीयों के सबसे बड़े प्रवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करता है. मलेशिया की प्रगति में उनका महत्वपूर्ण योगदान और दोनों देशों के बीच दोस्ती में उनकी भूमिका हमारी ऐतिहासिक दोस्ती की मजबूत बुनियाद बनाती है.”


