रामगढ़: झारखंड के रामगढ़ जिला अंतर्गत पतरातू में शनिवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। कुख्यात अपराधियों ने दुस्साहस दिखाते हुए ओसम मिल्क प्लांट (Osam Milk Plant) को निशाना बनाया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर फरार हो गए। इस घटना ने न केवल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
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सुबह-सुबह हुई गोलीबारी
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6:00 बजे जब लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, तभी बाइक पर सवार होकर आए बेखौफ अपराधियों ने प्लांट के मुख्य द्वार और परिसर को निशाना बनाकर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। चश्मदीदों के मुताबिक, फायरिंग इतनी अचानक और तेज थी कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी हवा में हथियार लहराते हुए रफूचक्कर हो गए।
सोशल मीडिया पर ली जिम्मेदारी
इस घटना के कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया पर एक प्रेस विज्ञप्ति वायरल हुई, जिसने पुलिस और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। कुख्यात राहुल दुबे गैंग ने इस गोलीबारी की जिम्मेदारी लेते हुए इसे महज एक ट्रेलर बताया है। पोस्ट में प्लांट के मालिक अनिरुद्ध को संबोधित करते हुए कहा गया है कि यह सिर्फ एक चेतावनी थी। गिरोह ने न केवल प्लांट, बल्कि मालिक के घर और उनके परिवार को भी निशाना बनाने की धमकी दी है। अपराधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगली बार हमला चेतावनी नहीं, बल्कि जानलेवा होगा।
पुलिस ने खोखे बरामद
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल से कई खोखे बरामद किए हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। इसके साथ ही फॉरेंसिक टीएयम ने घटनास्थल से साक्ष्य भी एकत्रित कर लिए हैं। वहीं पुलिस के आईटी सेल सोशल मीडिया पर जारी पोस्ट की सत्यता और उसे अपलोड करने वाले लोकेशन की जांच की जा रही है। साथ ही अपराधियों की धरपकड़ के लिए जिले के एग्जिट पॉइंट्स पर चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
औद्योगिक इकाइयों पर इस तरह के हमले विकास की रफ्तार को रोकते हैं। राहुल दुबे गैंग की यह खुली चुनौती रामगढ़ पुलिस के लिए एक बड़ी परीक्षा है। क्या पुलिस अपराधियों के इन बुलंद हौसलों को पस्त कर पाएगी या दहशत का यह खेल यूँ ही जारी रहेगा?


