न्यूज डेस्क: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने भारत सरकार की मंजूरी के बाद NEET-UG 2026 परीक्षा की नई तारीख घोषित कर दी है। अब यह परीक्षा 21 जून, रविवार को आयोजित की जाएगी। पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा रद्द होने से लाखों छात्रों और अभिभावकों में चिंता थी, जिसके बाद केंद्र सरकार ने जल्द नई तारीख का ऐलान किया।
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शिक्षा मंत्री के घर हुई हाईलेवल बैठक
NEET-UG परीक्षा रद्द होने के दो दिन बाद गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के आवास पर अहम बैठक हुई। इस बैठक में दोबारा परीक्षा कराने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई। बैठक में हायर एजुकेशन सेक्रेटरी विनीत जोशी, स्कूल एजुकेशन सेक्रेटरी संजय कुमार, NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह, CBSE चेयरपर्सन राहुल सिंह, केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) और नवोदय विद्यालय समिति (NVS) के अधिकारी भी मौजूद रहे। सरकार ने परीक्षा प्रक्रिया को सुरक्षित और निष्पक्ष बनाने के लिए कई नए कदमों पर चर्चा की है। अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों और विपक्षी संगठनों का विरोध जारी है। गुरुवार को अहमदाबाद में NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को काले झंडे दिखाए और उनके काफिले को रोकने की कोशिश की। पुलिस ने मौके पर कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। छात्र संगठनों का आरोप है कि पेपर लीक ने लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
CBI की जांच में 7 आरोपी गिरफ्तार
पेपर लीक मामले की जांच अब CBI कर रही है। एजेंसी ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पांच आरोपियों को सात दिन की CBI कस्टडी में भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों में राजस्थान के सीकर निवासी मांगी लाल बिंवाल, जमवारामगढ़ के दिनेश बिंवाल और उनका बेटा विकास बिंवाल, हरियाणा के गुरुग्राम निवासी यश यादव तथा महाराष्ट्र के नासिक निवासी शुभम खैरनार शामिल हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार शुभम खैरनार ने ही यश यादव को पेपर उपलब्ध कराया था। CBI अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में लगी है और कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
एडमिशन के नाम पर ठगी
इसी बीच दिल्ली पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में एक डॉक्टर समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह NEET अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को MBBS में दाखिला दिलाने का झांसा देकर 20 से 30 लाख रुपए तक की मांग करता था। गिरफ्तार आरोपियों में राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल का नाम भी शामिल है। पुलिस का दावा है कि वह इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सरगना है।


